नई दिल्ली,12अक्टूबर । जापान इन दिनों तेजी से फैलते फ्लू संक्रमण की चपेट में है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सरकार ने देशव्यापी फ्लू महामारी घोषित कर दी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देशभर के लगभग 3,000 अस्पतालों में कुल 4,030 मरीजों को भर्ती कराया गया है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र ओकिनावा, टोक्यो और कागोशिमा बताए जा रहे हैं। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 130 से अधिक स्कूल, किंडरगार्टन और चाइल्डकैअर सेंटर बंद कर दिए गए हैं।
हालात तेजी से बिगड़ रहे
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस वर्ष फ्लू के मामले मौसम से लगभग पांच सप्ताह पहले बढ़ने लगे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव पड़ गया है। 22 से 28 सितंबर के बीच जहां 4,000 से अधिक मरीजों का इलाज हुआ, वहीं 29 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच यह संख्या 6,000 के पार पहुंच गई।
28 प्रांतों में संक्रमण फैला
जापान के 47 में से 28 प्रांतों में फ्लू के मामलों में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी स्थानीय प्रशासन को आपात प्रतिक्रिया योजना सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में भीड़ बढ़ने से दवाओं और बेड की कमी जैसी स्थिति बन रही है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लू के इस प्रकोप से न केवल जापान बल्कि पूरे एशिया क्षेत्र के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। उनका मानना है कि यदि संक्रमण को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह मौसमी इन्फ्लूएंजा से आगे बढ़कर महामारी का वैश्विक स्वरूप ले सकता है।
जापान फिलहाल गंभीर स्वास्थ्य आपात स्थिति का सामना कर रहा है। फ्लू संक्रमण के तेजी से फैलाव ने कोरोना महामारी जैसे हालात की याद दिला दी है। सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने, भीड़भाड़ से बचने और टीकाकरण कराने की अपील की है।



