कोरबा,25 सितंबर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 26 सितम्बर को कोरबा जिले के हरदीबाजार पहुंचेंगे। यहां वे भूविस्थापित परिवारों से सीधे संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम स्थानीय भूविस्थापितों के आमंत्रण पर आयोजित किया जा रहा है।
भूविस्थापितों का आरोप है कि वर्तमान राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ एसईसीएल के गठजोड़ ने उनकी समस्याओं को और गहरा दिया है। लगभग एक साल पहले हुई बैठक के बाद भी जिला प्रशासन पर निरंकुश रवैये के आरोप लग रहे हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि रोजगार देने के हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी की जा रही है। वहीं मुआवजे में कटौती, पुनर्वास योजनाओं को बंद करने और जबरन गांव खाली कराने की कार्रवाई से लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कंपनियों में खदान प्रभावितों को रोजगार नहीं मिल रहा है और इन कंपनियों में वेतन, भत्ते, मेडिकल व सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी जा रहीं। शासन-प्रशासन पर आंदोलन को कुचलने और भूविस्थापितों को प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस बीच ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने लोगों से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि– “यह समय किसी भी दल या विचारधारा से ऊपर उठकर एकजुट होने का है। यदि अभी एकजुटता नहीं दिखाई गई तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।”
भूपेश बघेल का यह संवाद कार्यक्रम भूविस्थापित आंदोलन के लिए अहम माना जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि इससे प्रभावित परिवार अपनी एकजुटता का स्पष्ट संदेश दे पाएंगे।



