भरतपुर,27जुलाई(वेदांत समाचार)। “लोग जिस जीव को जहरीला समझकर मार डालते हैं वही जीव असल में इंसानों की जान बचाता है। हम बात कर रहे हैं मॉनिटर लिजार्ड यानी गोहरे की, जो इन दिनों भरतपुर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिले के भराजपुर में वन्यजीव प्रेमी अमरदीप गुप्ता ने इस भ्रम का वैज्ञानिक खंडन करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। जहां भरतपुर के स्वास्थ्य केन्द्र, ग्रामीण क्षेत्र, में गोहरे की रेस्क्यू करते अमरदीप गुप्ता ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र क्षेत्र में इन दिनों एक बड़ा भ्रम लोगों में फैला हुआ है।
मॉनिटर लिजार्ड यानी गोहरे को लोग अब भी जहरीला समझते हैं और देखते ही मार डालते हैं। लेकिन वन्यजीव प्रेमी और रेस्क्यू एक्सपर्ट अमरदीप गुप्ता इस मिथक को तोड़ रहे हैं।” “गोहरा बिल्कुल भी जहरीला नहीं होता। यह तो प्रकृति का सफाईकर्मी है। यह सांपों के अंडे खाकर हजारों लोगों की अप्रत्यक्ष रूप से जान बचाता है।” “ढाई से तीन फीट लंबा यह जीव बड़ी छिपकली की प्रजाति है। इसकी दोमुंही जीभ और सांप जैसी बनावट देखकर लोग डर जाते हैं, लेकिन असल में यह बेहद शांत स्वभाव का होता है।
” भारत में कोई भी छिपकली जहरीली नहीं होती दुनियाभर में सिर्फ 2 प्रजातियां ही विषैली: अमेरिका और मैक्सिको में भारत में 165 छिपकली प्रजातियां – सब सुरक्षित लोगों को समझना चाहिए कि जैसे घरों में छिपकली कीड़े खाकर सफाई करती है, वैसे ही गोहरा जहरीले सांपों की संख्या नियंत्रित करता है।” प्राचीन प्रजातियों में गिना जाने वाला यह मॉनिटर लिजार्ड पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी है अमरदीप ने हाल ही में एक गोहरे को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा और लोगों से अपील की कि इस शांत जीव को मारें नहीं, उसकी रक्षा करें।” अगर किसी को गोहरा या सांप दिखे, तो खुद से कुछ न करें। हम जैसे रेस्क्यू वालंटियर्स या वन विभाग को कॉल करें।”



