करनाल,24 सितम्बर । जिले में जीरो बर्निंग लक्ष्य को पूरा करने के लिए कृषि विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। अब तक तीन किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और उनसे 30 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला जा चुका है।
इसके साथ ही, इन किसानों की जानकारी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रेड एंट्री के रूप में दर्ज कर दी गई है। इसका सीधा असर यह होगा कि वे आगामी दो सीजन तक एमएसपी पर अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे।
जिला भर में बने 7 कंट्रोल रूम
पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विभाग की ओर से जिला मुख्यालय और सभी ब्लॉकों में 7 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। यहां किसान फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पा सकते हैं।
कंट्रोल रूम के नंबर इस प्रकार हैं:
करनाल: गौरव मेहला, खंड कृषि अधिकारी – 94166-39696
घरौंडा: राहुल दहिया, खंड कृषि अधिकारी – 87084-59384
इंद्री: अश्वनी कम्बोज, खंड कृषि अधिकारी – 81681-40732
निसिंग: कर्मवीर गिरी, खंड कृषि अधिकारी – 94166-56600
नीलोखेड़ी: रामपाल, खंड कृषि अधिकारी – 94163-93447
असंध: बलदेव, खंड कृषि अधिकारी – 98965-15375
उप निदेशक कृषि कार्यालय: पुनीत, डाटा एंट्री ऑपरेटर – 0184-2272623
इन किसानों पर दर्ज हुआ केस
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि – गांव कैमला निवासी किसान जसमेर (मलिकपुर क्षेत्र में पराली जलाने पर) फुरलक निवासी दिनेश कुमार,और गांव बीजना निवासी विक्की पुत्र राजकुमार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। ये केस वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 39 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दर्ज किए गए हैं।
750 अधिकारी तैनात
आगजनी की घटनाओं पर नजर रखने के लिए उपायुक्त करनाल ने जिला, खंड/तहसील और गांव स्तर पर कमेटियां गठित की हैं। लगभग 750 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो निगरानी के साथ-साथ नियमों के तहत कार्रवाई भी करेंगे।
भाकियू का विरोध
वहीं, किसानों पर एफआईआर और जुर्माना लगाने के फैसले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने कड़ा विरोध जताया है।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा, “सरकार को सेटेलाइट से फसल खराबा दिखाई नहीं देता, लेकिन पराली जलती दिख जाती है। किसानों को मुआवजा देने की बजाय सरकार उनसे वसूली कर रही है। यह तानाशाही है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तुरंत एफआईआर रद्द नहीं हुई और जुर्माना वापस नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। जल्द ही संगठन की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।



