बालको के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की गुहार: बकाया, इलाज और रोजगार को लेकर कलेक्टर से लगाई न्याय की आस – vedantsamachar.in

बालको के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की गुहार: बकाया, इलाज और रोजगार को लेकर कलेक्टर से लगाई न्याय की आस

कोरबा, 27 अप्रैल 2026 (वेदांत समाचार)। जिन हाथों ने दशकों तक भट्ठियां जलाकर एल्युमिनियम उत्पादन के जरिए देश के औद्योगिक विकास को गति दी, वही हाथ आज अपने बुनियादी अधिकारों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। बालको के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचकर जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई।

बालको सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन (संबद्ध: ऐक्टू) के बैनर तले संयोजक बी.एल. नेताम, एल्यूमिनियम कामगार संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष रामजी शर्मा, सचिव आर.के. महंत एवं रूपदास के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने औपचारिक आवेदन (टोकन क्रमांक: 2050126001471) प्रस्तुत करते हुए चार प्रमुख मांगों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बालकोनगर, जो कभी मजदूरों की ऊर्जा और जीवंतता का प्रतीक था, आज उन्हीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की उपेक्षा का गवाह बन गया है। संगठन ने आरोप लगाया कि वेदांता प्रबंधन के अधीन आने के बाद से पूर्व कर्मचारियों को उनके वैधानिक एवं नैसर्गिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

अगस्त 2019 में सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने के बावजूद अतिरिक्त दो वर्षों का वेतन, मुआवजा और अन्य देय राशि अब तक नहीं दी गई है। साथ ही अंतिम भुगतान (फाइनल सेटलमेंट) भी लंबित है। संगठन ने इसे ब्याज सहित तत्काल जारी करने की मांग की।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे बुजुर्ग कर्मचारी इलाज के लिए परेशान हैं। इसे अमानवीय बताते हुए सुविधाएं पुनः शुरू करने की मांग की गई।

कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पूर्व प्रावधानों के अनुसार आश्रितों को रोजगार या अनुकंपा नियुक्ति देने की नीति पुनः लागू करने की मांग की गई।

बालकोनगर के व्यापारिक परिसर में अन्य व्यापारियों को दुकानें आवंटित की गई हैं, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आश्रित वंचित हैं। संगठन ने पुनर्वास नीति के तहत उन्हें भी दुकानें देने की मांग रखी।

संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से आग्रह किया कि वे वेदांता प्रबंधन को तलब कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि प्रशासन ठोस पहल करता है, तो यह न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

इस दौरान एल.एन. नाई, पुरुषोत्तम कश्यप, रमेश पटेल, निर्मल कुमार कसार, रूपदास, अनिल पटेल, रामजी शर्मा, विष्णु प्रसाद कनाठे, कौशल प्रसाद, बी.आर. चौहान सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।