Vedant Samachar

दुनिया का ‘मुंह मीठा’ कराएगा भारत, अगले सीजन में चीनी एक्सपोर्ट के लिए तैयार

Vedant Samachar
2 Min Read

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक भारत 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नई फसल सीजन में पर्याप्त अतिरिक्त चीनी स्टॉक रखेगा, जिससे निर्यात की अनुमति मिल सकेगी. यह जानकारी शुक्रवार को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दी. भारत से चीनी का निर्यात वैश्विक कीमतों पर दबाव डाल सकता है, लेकिन इससे भारत सरकार को घरेलू चीनी कीमतों को सहारा देने और गन्ना किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी.

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के संयुक्त सचिव अश्विनी श्रीवास्तव ने एक वैश्विक सम्मेलन में कहा कि नए सीजन में चीनी निर्यात की संभावना रहेगी. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि निर्यात के लिए कितनी मात्रा उपलब्ध हो सकती है. भारत ने मौजूदा विपणन वर्ष (जो सितंबर में खत्म हो रहा है) में उत्पादन घटने के बावजूद 10 लाख मीट्रिक टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी.

गन्ने से होगा एथनॉल का रिकॉर्ड उत्पादन
श्रीवास्तव ने कहा कि अगले सीजन का उत्पादन अच्छा दिख रहा है और घरेलू खपत व एथनॉल उत्पादन की जरूरतें पूरी करने के बाद भी निर्यात के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा. उन्होंने बताया कि नए सीजन में गन्ने से करीब 4.8 अरब लीटर एथनॉल बनने का अनुमान है, जो अब तक का रिकॉर्ड होगा.

भारत का चीनी स्टॉक बढ़ेगा
भारतीय शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने गुरुवार को अनुमान जताया कि 2025/26 के मार्केटिंग ईयर (1 अक्टूबर से शुरू) में उत्पादन बढ़कर 3.49 करोड़ मीट्रिक टन तक पहुंच सकता है. देश की चीनी खपत नए सीजन में बढ़कर 2.85 से 2.9 करोड़ मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जो इस साल के 2.8 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा है. भारत नए मार्केटिंग ईयर की शुरुआत 50 लाख मीट्रिक टन के शुरुआती स्टॉक के साथ करेगा, जो इस साल की शुरुआत में मौजूद 80 लाख मीट्रिक टन से कम है.

Share This Article