Vedant Samachar

अदाणी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित हुई आईएसएसओ नेशनल गेम्सशतरंज प्रतियोगिता

Vedant samachar
4 Min Read

अहमदाबाद, 9 सितम्बर, 2025: अदाणी इंटरनेशनल स्कूल, शांतिग्राम में आईएसएसओ नेशनल गेम्स शतरंज प्रतियोगिता 2025 का सफल आयोजन हुआ। दो दिन तक चले इस आयोजन में रणनीति, बुद्धिमत्ता और खेलभावना का शानदार संगम देखने को मिला। प्रतियोगिता में 10 से ज्यादा राज्यों के 80 से अधिक स्कूलों से आए 370 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। करीब 650 से अधिक अभिभावक, कोच और समर्थक भी शामिल हुए, जिससे पूरा कैंपस खेल और उत्साह का जीवंत केंद्र बन गया।

प्रतियोगिता में चार श्रेणियाँ रखी गईं: 11 वर्ष से कम, 14 वर्ष से कम, 17 वर्ष से कम और 19 वर्ष से कम। इन श्रेणियों ने हर स्तर के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मौका दिया। दो दिनों तक चले मुकाबलों में बच्चों ने समझदारी, हुनर और दबाव में भी शाँति बनाए रखकर शानदार प्रदर्शन किया।उद्घाटन समारोह में अदाणी इंटरनेशनल स्कूल की प्रमोटर नम्रता अदाणी मौजूद रहीं। उन्होंने बच्चों मिलकर उनकी हौंसला अफजाई की, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी आत्मीय हो गया। युवा खिलाड़ियों को गुजरात स्टेट चेस एसोसिएशन के पूर्व सचिव और ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के उपाध्यक्ष श्री भावेश पटेल और ग्रैंडमास्टर अंकित राजपारा से भी मिलने का मौका मिला। दोनों ने अपने जीवन में खेल के अनुभव साझा किए, जिसने बच्चों को बड़ी प्रेरणा दी।आज भारतीय शतरंज दुनिया भर में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश जैसे युवा खिलाड़ी लगातार इस क्षेत्र में दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गजों को चुनौती दे रहे हैं और भारत को शतरंज के शीर्ष देशों में मजबूत स्थान दिला रहे हैं। इस अंतर्राष्ट्रीय सफलता की नींव देश के स्कूल स्तर पर बने मजबूत इकोसिस्टम से रखी जाती है, जहाँ अदाणी इंटरनेशनल स्कूल जैसे टूर्नामेंट बच्चों को शुरू से ही बड़े मुकाबलों का अनुभव और आत्मविश्वास देते हैं। जब छोटे खिलाड़ी इस माहौल में सीखते और निखरते हैं, तो वही आगे चलकर दुनिया की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं तक पहुँचते हैं। इस तरह ऐसे मंच भारत के लिए नई प्रतिभाओं को तैयार करते हैं और आने वाली पीढ़ी के ये चैंपियंस क्लासरूम और कैंपस से निकलकर पूरी दुनिया में नाम रोशन करते हैं।इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अदाणी इंटरनेशनल स्कूल की प्रतिबद्धता सिर्फ पढ़ाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ समग्र शिक्षा पर ज़ोर दिया जाता है। यहाँ खेल प्रतिभा और बौद्धिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं।

समर्पित क्लब, अनुभवी कोच और नियमित प्रतियोगिताओं की मदद से स्कूल की खेल संस्कृति लगातार बच्चों में सोचने की क्षमता, धैर्य और ईमानदार खेल भावना को मजबूत बना रही है।समापन समारोह में सभी चार श्रेणियों के विजेताओं को मेडल्स प्रदान करके सम्मानित किया गया, जिसमें ओवरऑल चैंपियन और उपविजेता की घोषणा टूर्नामेंट का मुख्य आकर्षण रही।मुंबई के चित्रभूज नरसी स्कूल ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि हैदराबाद के इंडस इंटरनेशनल स्कूल ने रनर-अप का स्थान हासिल किया। दोनों स्कूलों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासन, एकाग्रता और शानदार खेल भावना का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।

Share This Article