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महिलाओं को पीरियड्स के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

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महिलाओं के लिए पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान शरीर और मन दोनों पर प्रभाव पड़ता है. इस समय हॉर्मोनल बदलाव, ब्लीडिंग और शारीरिक कमजोरी आम होती है. इसलिए पीरियड्स के दौरान सही देखभाल बेहद जरूरी है. सही पोषण, स्वच्छता और आराम का ध्यान रखने से पीरियड्स से जुड़ी असुविधाओं जैसे पेट में दर्द, थकान, मूड स्विंग और एनर्जी की कमी को कम किया जा सकता है. साथ ही, यह संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाव करता है. इसलिए पीरियड्स के दौरान खुद की देखभाल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए.

पीरियड्स के दौरान कुछ लक्षण सामान्य होते हैं, लेकिन अगर असामान्य लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इनमें अत्यधिक ब्लीडिंग, असामान्य डिस्चार्ज, तेज पेट दर्द, लगातार सिरदर्द, चक्कर आना या पीरियड्स का समय बहुत लंबा या बहुत छोटा होना शामिल है. इन लक्षणों का कारण हॉर्मोनल इम्बैलेंस, संक्रमण, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. अगर ये लक्षण लगातार दिखें, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए. समय पर जांच और इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है.

महिलाओं को पीरियड्स के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
सफदरजंग अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सलोनी चड्ढा बतातीहैं कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अपनी दिनचर्या और खानपान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए. हेल्दी डाइट में फल, सब्जियां और पर्याप्त पानी शामिल करें. इस समय भारी और मसालेदार भोजन से बचें, क्योंकि यह पेट दर्द और सूजन बढ़ा सकता है. स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है. ऐसे में समय-समय पर सैनिटरी पैड बदलें और निजी अंगों की साफ-सफाई का ध्यान रखें.

पर्याप्त आराम और हल्की एक्सरसाइज, जैसे योग या स्ट्रेचिंग, पेट दर्द और थकान को कम कर सकती है. पीरियड्स के दौरान तनाव और मानसिक दबाव से दूर रहना भी जरूरी है. इसके अलावा, शरीर के संकेतों पर ध्यान दें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

ये भी जरूरी
पर्याप्त पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें.

भारी शारीरिक मेहनत और तनाव से बचें.

गर्म पानी की बोतल या हल्की मालिश से पेट दर्द कम करें.

सोने और जागने का नियमित समय बनाए रखें.

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा या सप्लिमेंट लें.

मासिक धर्म से जुड़ी किसी भी असामान्य स्थिति को नजरअंदाज न करें.

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