दंतेवाड़ा,20अगस्त (वेदांत समाचार) । जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा का निरीक्षण कर वहाँ उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक सुधार हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे पहले क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक (सीसीएचबी) के लिए स्वीकृत नए भवन के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने पर जोर दिया।
उन्होंने निर्देशित किया कि भवन स्थल पर लगे सीएसईबी के बिजली खंभों को संबंधित विभाग से समन्वय कर शीघ्र अन्यत्र स्थानांतरित कराया जाए। इसके साथ ही 20 बिस्तरों वाले आइसोलेशन वार्ड का निर्माण कार्य पूरा कर मरीजों को वहाँ शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय के लिए नया रोडमैप तैयार करने के भी निर्देश दिए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ सके। अस्पताल परिसर को स्वच्छ, हरा भरा और औषधीय दृष्टि से उपयोगी बनाने हेतु उन्होंने हर्बल गार्डन विकसित करने की पहल करने को कहा। इसी क्रम में उन्होंने सीटी स्कैन यूनिट की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और मरीजों व परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शौचालयों के नवीनीकरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर दुदावत ने बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए ओपीडी सेवाओं में विस्तार पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा देने के लिए ओपीडी का समय और डॉक्टरों की उपलब्धता दोनों बढ़ाए जाने चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि मरीजों की देखरेख में किसी प्रकार की कमी न हो और सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में बने म्यूजियम का भी अवलोकन किया। यहाँ उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रदर्शनी लगाने और मितानिन प्रशिक्षण केंद्र को और अधिक सक्रियता से संचालित करने के निर्देश दिए। अंत में कलेक्टर ने अधिकारियों को समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक पहल का केंद्र मरीजों की सुविधा और बेहतर स्वास्थ्य सेवा होनी चाहिए।
इस क्रम में कलेक्टर ने मांझी पदर स्थित निर्माणाधीन राहत आश्रय स्थल का भी निरीक्षण करते हुए यहां स्लैब कॉस्टिंग, एवं वायरिंग कार्यो को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम मूलचंद चोपड़ा, सीएमएचओ अजय रामटेके, सिविल सर्जन अभय तोमर सहित अन्य विभाग के विभागीय अधिकारी मौजूद थे।



