Vedant Samachar

बारिश के मौसम में बच्चों में क्यों हो जाता है निमोनिया, कैसे करें बचाव…

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बरसात का मौसम बच्चों के लिए जितना मज़ेदार होता है उतना ही खतरनाक भी हो सकता है. बारिश में भीगना, गीली मिट्टी में खेलना और ठंडी हवाओं का असर कई बार बच्चों की सेहत पर भारी पड़ जाता है. इसी मौसम में एक बीमारी सबसे ज़्यादा देखने को मिलती है निमोनिया. ये बीमारी बच्चों के फेफड़ों को बुरी तरह प्रभावित करती है और अगर समय पर इलाज न मिले, तो हालात गंभीर हो सकते हैं. लेकिन सवाल ये है कि आखिर बारिश के मौसम में बच्चों को निमोनिया क्यों हो जाता है? इसका जवाब समझने के लिए हमें थोड़ी गहराई में जाना होगा.

बारिश में वातावरण में नमी और ठंडक दोनों बढ़ जाती हैं. ऐसे में बैक्टीरिया और वायरस, पनपने के लिए आदर्श माहौल पाते हैं. बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती इसलिए वो इन संक्रमणों के शिकार जल्दी हो जाते हैं. कई बार शुरुआत में हल्का बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण दिखते हैं, जिन्हें माता-पिता साधारण सर्दी समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं. यही लापरवाही आगे चलकर निमोनिया में बदल सकती है.

क्यों होता है निमोनिया

दिल्ली के मूलचंद अस्पताल में पल्मोनोलॉजी विभाग में डॉ. भगवान मंत्री बताते हैं किनिमोनिया में फेफड़ों के एयर सैक (alveoli) में संक्रमण के कारण सूजन हो जाती है और उनमें बलगम या तरल पदार्थ भरने लगता है. इससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होती है. खासकर बारिश के मौसम में गीले कपड़े पहनना, गीले जूतों में लंबे समय तक रहना, गंदे पानी के संपर्क में आना और अचानक तापमान में बदलाव, बीमारी के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है.

निमोनिया के लक्षण

अगर बच्चे को लगातार तेज बुखार हो, तेज खांसी के साथ बलगम निकल रहा हो, सांस लेने में तकलीफ हो रही हो या सांस तेज चल रही हो और वह बेहद थका-थका या सुस्त लग रहा हो, तो ये गंभीर संकेत हैं. छोटे बच्चों में सांस लेने के दौरान सीने में धंसाव (chest retractions) भी दिख सकता है.

निमोनिया से बचने के उपाय

सबसे पहले, बच्चों को बारिश में भीगने से बचाएं.


बरसात में भीग जाए तो तुरंत गीले कपड़े बदलें


उन्हें तौलिए से अच्छी तरह सुखाएं, सूखे कपड़े पहनें.


घर के अंदर नमी कम रखने के लिए खिड़कियां-दारियां खुली रखें


बच्चों के खानपान में पौष्टिक चीजें शामिल करें.


हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें और दूध शामिल करें


ठंडा खाना या बाहर का खाना न खिनाएं


बुखार है तो टेम्प्रेचर बढ़ने न दें.


निमोनिया और फ्लू के टीके (vaccination) भी लगवाएं.


याद रखें, बारिश का मौसम बच्चों के लिए खुशियों का मौसम भी हो सकता है और बीमारियों का भी. फर्क सिर्फ इस बात पर निर्भर करता है कि आप उनकी सेहत को लेकर कितने सतर्क हैं. समय पर सावधानी और सही इलाज से आप अपने बच्चे को निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी से बचा सकते हैं.

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