तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन, 04 अप्रैल । अमेरिका ईरान में गिराए गए अपने फाइटर जेट के पायलट की तलाश में लगा हुआ है। इस मिशन के लिए C-130 हरक्यूलिस जैसे बड़े विमान का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यह विमान ईरान के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए फ्लेयर्स छोड़ रहा है।
विमान से फ्लेयर छोड़ने का मतलब है कि फाइटर जेट खुद को मिसाइलों से बचाने के लिए पीछे की तरफ गर्म फ्लेयर्स छोड़ते हैं। मिसाइल विमान के इंजन की गर्मी की जगह इन फ्लेयर्स को अपना टारगेट समझ लेती है और उन पर हमला कर देती है, जबकि असली विमान बच जाता है।
इसी बीच इजराइल के एक अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिकी जेट के एक पायलट को ईरान के अंदर से जिंदा बचा लिया गया है। दूसरे पायलट की तलाश अभी भी जारी है। हालांकि इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट गिराया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह F-15E विमान हो सकता है।
ईरान में अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर ₹55 का लाख इनाम
ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट को पकड़ने पर 10 बिलियन ईरानी तोमान (लगभग 55 लाख रुपए) के इनाम का ऐलान किया है। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के एक एंकर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सरकारी अधिकारी या सेना को सौंपे।
अमेरिकी विमानों को गिराने के बाद ईरान में जश्न
ईरान में अमेरिकी विमानों को गिराने के दावों के बाद सड़कों पर जश्न का माहौल देखा जा रहा है। ईरान में इन घटनाओं को लेकर काफी गर्व और उत्साह का माहौल है।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे शुरुआत से ही ऐसे कदमों का वादा कर रहे थे और उनके पास ऐसी क्षमताएं हैं जो अभी तक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुई हैं। उनका कहना है कि आज की घटनाओं से यह साफ हो गया है।
ईरान ने आगे और हमले करने की भी बात कही है और कहा है कि अमेरिका ने उनकी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की ताकत को कम आंका है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बहरीन के प्रस्ताव पर अब अगले हफ्ते वोटिंग होने की उम्मीद है।
रॉयटर्स के मुताबिक, पहले यह वोटिंग शुक्रवार को होनी थी, फिर शनिवार तय की गई, लेकिन अब इसे टाल दिया गया है और नई तारीख अभी तय नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस देरी की वजह पर बहरीन के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है।
इराकी समूह का दावा- अमेरिकी ठिकानों पर एक दिन में 19 हमले
इराक के सशस्त्र संगठन इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पिछले एक दिन में इराक और आसपास के क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 19 हमले किए हैं।
समूह के अनुसार, इन हमलों में कई दर्जन ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन दावों को लेकर अभी तक अमेरिकी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
दुबई मरीना में इमारत पर मलबा गिरा
दुबई मरीना इलाके में एक इमारत पर हवाई हमले को रोकने के दौरान गिरा मलबा आ गिरा। दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार, इस घटना के बाद तुरंत कार्रवाई की गई, लेकिन इसमें न तो आग लगी और न ही किसी के घायल होने की खबर है।
इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने बताया था कि अबू धाबी के हबशन गैस प्लांट पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
ईरानी पुल पर हमले में 13 लोगों की मौत
ईरान में तेहरान और कराज के बीच स्थित B1 पुल पर हुए हमले में अब मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी पर भी हवाई हमला किया गया। पिछले कुछ दिनों में कई आम नागरिकों से जुड़े संस्थानों को नुकसान पहुंचा है या वे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
इसके अलावा, तेहरान में वैक्सीन बनाने वाले पाश्चर इंस्टीट्यूट पर भी 24 घंटे पहले हमला हुआ था।
ईरानी मिसाइल हमले से इजराइल के कई इलाकों में नुकसान
ईरानी मिसाइल हमले के बाद इजराइल में नुकसान और अफरा-तफरी की खबरें सामने आई हैं।
इजराइल की वल्ला न्यूज एजेंसी के अनुसार, तेल अवीव के पास बनी ब्राक इलाके में कांच के टुकड़ों से एक व्यक्ति घायल हो गया। साथ ही, इंटरसेप्ट किए गए ईरानी मिसाइल के टुकड़े 17 अलग-अलग जगहों पर गिरे।
एजेंसी ने बताया कि रोश हआयिन के एक रिहायशी इलाके में भी मिसाइल का असर हुआ, जिससे काफी नुकसान हुआ और वहां बिजली भी चली गई। वहीं, एक किंडरगार्टन (बच्चों के स्कूल) के पास भी मलबा मिला है।
ईरान पर 24 घंटे में अमेरिका-इजराइल ने 200 से ज्यादा हमले किए
ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने पिछले 24 घंटों में 200 से ज्यादा हमले किए हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स इन ईरान के अनुसार, गुरुवार से शुक्रवार तक कुल 206 हमले किए गए, जिनमें एक आम नागरिक की मौत हुई।
संगठन की न्यूज सर्विस HRANA के मुताबिक, ये हमले 24 घंटे में ईरान के 13 प्रांतों में किए गए।
