Vedant Samachar

अंगदान सर्जरी से कुछ क्षण पहले हुआ चमत्कार! कोमा से जागी महिला; बच गई जान

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मैक्सिको । कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं जो किसी चमत्कार से कम नहीं लगती हैं। एक ऐसी ही घटना अमेरिका से सामने आई है। साल 2022 में 38 साल की एक बेघर महिला, डैनेला गैलेगोस, न्यू मैक्सिको के अल्बुकर्क स्थित प्रेस्बिटेरियन अस्पताल में एक अज्ञात चिकित्सा आपात स्थिति के बाद कोमा में चली गईं। द न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने उनके परिवार को बताया कि उनके ठीक होने की संभावना कम है, जिसके बाद वो न्यू मैक्सिको डोनर सर्विसेज के माध्यम से अंगदान के लिए सहमत हो गए।

जैसे ही अंगदान सर्जरी को लेकर बातें शुरू हुईं तो गैलेगोस के परिवार ने उनकी आंखों में आंसू देखे, जिन्हें सहज क्रियाएं बताकर खारिज कर दिया। सर्जरी की प्रक्रिया वाले दिन गैलेगोस की एक बहन ने उनकी आंखों में हलचल देखी। इसके बाद एक डॉक्टर ने गैलेगोस को पलकें झपकाने को कहा, जो उन्होंने झपकाईं, जिससे संकेत मिलता था कि वह अभी भी जीवित हैं।
डॉक्टरों ने लिया स्टैंड

इतना सबकुछ होने के बाद डोनेशन कोऑर्डिनेटर्स ने कथित तौर पर अस्पताल के कर्मचारियों पर आगे बढ़ने का दबाव डाला और हलचल कम करने के लिए मॉर्फिन देने का सुझाव दिया। सौभाग्य से, डॉक्टरों ने मना कर दिया और सर्जरी रोक दी गई, इस फैसले ने गैलेगोस की जान बचाई और वह पूरी तरह ठीक हो गईं।
डैनेला गैलेगोस ने क्या कहा?

डैनेला गैलेगोस द न्यू यॉर्क टाइम्स को बताया, “मैं बहुत भाग्यशाली महसूस करती हूं लेकिन यह सोचकर भी अजीब लगता है कि चीजें कितनी जल्दी अलग तरह से समाप्त होने वाली थीं।” बाद में उन्होंने स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद इस घटना की जांच शुरू हुई। प्रेस्बिटेरियन अस्पताल ने कहा कि न्यू मैक्सिको डोनर सर्विसेज दान प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार थी, जबकि संगठन ने चिकित्सा निर्णयों में हस्तक्षेप करने से इनकार किया।
पहले भी सामने आए हैं मामले

गौरतलब है कि,अमेरिका में इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। अक्टूबर 2021 में केंटकी में थॉमस ‘टीजे’ हूवर II से जुड़ा एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जब दवा के ओवरडोज की वजह से हूवर को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था और उनका अंगदान किया जाना था, हालांकि इस ऑपरेशन से पहले एक कर्मचारी ने उन्हें छटपटाते और रोते हुए देखा था। जिसके बाद (केंटकी ऑर्गन डोनर एफिलिएट्स) (KODA) पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का दबाव डाला लेकिन कंपनी ने मना कर दिया, जिसके बाद हूवर पूरी तरह से ठीक हो गए और अब अपनी बहन के साथ रहते हैं।

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