बोगोटा: चिली की प्रसिद्ध तांबे की खदान एल टेनिएंटे में गुरुवार शाम को आए भूकंप के बाद हुए भूस्खलन में फंसे पांच खनिकों में से एक का शव शनिवार को बरामद कर लिया गया है। यह जानकारी खदान के निदेशक एंड्रेस म्यूज़कि ने दी। हादसे के बाद से ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
मध्य चिली स्थित इस खदान के एक हिस्से के ढह जाने के बाद कुल पांच मजदूर भूमिगत सुरंगों में फंस गए थे। बचाव दल लगातार खदान के भीतर 90 मीटर गहराई तक की खुदाई कर रहा है, ताकि शेष मजदूरों तक पहुंचा जा सके। इस हादसे में नौ अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भूकंप बना हादसे की वजह
चिली की नेशनल कॉपर कॉर्पोरेशन (Codelco) ने इस दुर्घटना को एक “भूकंपीय घटना” का परिणाम बताया है। गुरुवार को इस क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इसके बाद खदान के आसपास की चट्टानें ढह गईं और खदान का एक भाग भी इस झटके की चपेट में आ गया।
देश की अर्थव्यवस्था पर असर
एल टेनिएंटे खदान, चिली की सबसे बड़ी और विश्व की प्रमुख तांबा उत्पादक खदानों में से एक मानी जाती है। इस प्रकार की घटनाएं न सिर्फ मानव जीवन के लिए खतरनाक होती हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी झटका देती हैं, क्योंकि चिली दुनिया में तांबे का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
परिवारों की उम्मीदें बरकरार
फंसे हुए मजदूरों के परिजन खदान के बाहर चिंतित अवस्था में राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि एक शव की बरामदगी से माहौल गमगीन है, लेकिन परिवारों को अभी भी बाकी मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने बताया कि बाकी खनिकों की तलाश जारी है और किसी भी संभावना को खोने नहीं दिया जाएगा। इस दुर्घटना ने खदानों में सुरक्षा मानकों पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब सरकार और संबंधित कंपनियों को देना होगा।



