Vedant Samachar

यूक्रेन के न्यूक्लियर प्लांट में विस्फोट, 1200 मीटर दूर तक दिखा धुआं, मची अफरा-तफरी

Vedant Samachar
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यूक्रेन के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट, जापोरिज्जिया (ZNPP), के पास शनिवार को जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी और उसके आसपास के इलाके से धुएं के गुबार उठते देखे गए। इस घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए घटनास्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्परता दिखाई है।

क्या हुआ था?

IAEA द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, हमला जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट की एक सहायक सुविधा (ऑक्सिलरी फैसिलिटी) पर हुआ है। यह सुविधा मुख्य प्लांट से करीब 1,200 मीटर की दूरी पर स्थित है। शनिवार दोपहर तक, IAEA के निरीक्षण दल ने इस दिशा से धुआं उठते हुए देखा, जो प्लांट की सुरक्षा के लिहाज से एक चिंताजनक संकेत है।

क्यों है यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण?

यह घटना ऐसे समय में घटी है जब जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर पहले ही कई बार हमले हो चुके हैं, और इसे लेकर वैश्विक चिंता का स्तर बढ़ा हुआ है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच, यह पावर प्लांट लगातार संघर्षों और सैन्य गतिविधियों का निशाना बना रहा है, जिससे दुनिया भर में परमाणु सुरक्षा को लेकर आशंकाएं पैदा हो गई हैं।

IAEA ने अपने बयान में कहा कि वह स्थिति की निगरानी लगातार कर रहा है और न्यूक्लियर सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है। एजेंसी का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी प्रकार की परमाणु दुर्घटना या विकिरण लीक से बचा जा सके।

विस्तृत वैश्विक चिंता

जापोरिज्जिया प्लांट यूरोप का सबसे बड़ा न्यूक्लियर ऊर्जा केंद्र है, और इसके सुरक्षा संबंधी कोई भी चूक पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। यदि यहां कोई बड़ा हादसा होता है, तो न केवल यूक्रेन, बल्कि आसपास के देशों और यूरोप पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा। इससे न केवल मानव जीवन, बल्कि पर्यावरण और जीवविविधता को भी खतरनाक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

IAEA की आगे की स्थिति पर नजर

IAEA के अधिकारी पहले से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित घटनाओं से निपटने के लिए योजनाएं तैयार कर रहे हैं। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय जापोरिज्जिया प्लांट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कदम उठाने का दबाव बना रहा है।

जापोरिज्जिया की सुरक्षा की स्थिति न केवल यूक्रेन के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर परमाणु सुरक्षा के मानकों और जोखिमों को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता को उजागर करती है। युद्ध के दौरान परमाणु संयंत्रों पर हमले, अत्यधिक संवेदनशील बन चुके हैं और इनका समाधान अब एक वैश्विक जिम्मेदारी बन चुका है।

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