Vedant Samachar

बोल्सोनारो को दोषी ठहराए जाने पर भड़का अमेरिका, ट्रंप की धमकी का ब्राजील ने दिया दो टूक जवाब

Vedant Samachar
3 Min Read

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को सुप्रीम कोर्ट द्वारा तख्तापलट की साजिश का दोषी ठहराए जाने के बाद अमेरिका और ब्राजील के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन ने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है, जबकि ब्राजील ने इसे अपने आंतरिक मामलों में दखल करार देते हुए कड़ा जवाब दिया है।

बोल्सोनारो दोषी, सज़ा का ऐलान जल्द
ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो को 2022 के आम चुनावों में हार के बाद सत्ता में बने रहने के लिए साजिश रचने, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित करने और राजधानी में हिंसा भड़काने का दोषी पाया है। कोर्ट ने माना कि बोल्सोनारो ने न सिर्फ चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाए, बल्कि सैन्य हस्तक्षेप की योजना पर भी विचार किया। बोल्सोनारो की सज़ा पर अंतिम निर्णय अगले सप्ताह तक आने की संभावना है, जिसमें दूसरी बार चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध और कारावास शामिल हो सकते हैं।

अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंध
ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि ब्राजील ने इस मामले में कोई “पुनर्विचार” नहीं किया, तो अमेरिका अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंध लगा सकता है। पहले ही ट्रंप सरकार ने जुलाई में ब्राजील के उत्पादों पर 50% टैरिफ और सुप्रीम कोर्ट के एक जज पर प्रतिबंध लगाए थे।

मार्को रूबियो ने दी चेतावनी, ब्राजील का पलटवार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस फैसले को “लोकतंत्र के खिलाफ षड्यंत्र” बताते हुए ट्विटर (अब X) पर लिखा कि “यह राजनीतिक प्रतिशोध है और अमेरिका इसका उचित जवाब देगा।” ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने रूबियो की टिप्पणी को “अनुचित और अपमानजनक” करार दिया और कहा, “हमारी न्यायपालिका पूरी तरह स्वतंत्र है। इस तरह की धमकियों से हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।”

लूला का स्पष्ट संदेश: “संप्रभुता से समझौता नहीं”
ब्राजील के मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने ट्रंप की धमकियों को खारिज करते हुए कहा, “अगर अमेरिका प्रतिबंध लगाता है, तो यह उनकी समस्या है। ब्राजील अपने लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा करेगा। किसी भी विदेशी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।” लूला सरकार पहले ही संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में वैकल्पिक बाज़ार तलाशने और घरेलू उद्योग को संरक्षण देने की रणनीति बना रही है।

व्यापार पर असर: नया संकट?
विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल राजनीतिक नहीं रहेगा, इसका असर अमेरिका-ब्राजील व्यापार और निवेश संबंधों पर पड़ सकता है। अमेरिका ब्राजील का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है और वहां से आयातित कृषि उत्पाद, मेटल और ईंधन पर अगर और टैरिफ लगे तो ब्राजील की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अमेरिका ने हाल में ब्राजील द्वारा रूस से डीजल आयात करने पर भी आपत्ति जताई है, जिससे यह विवाद और अधिक गहरा सकता है।

Share This Article