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प्रयागराज में संगम के पवित्र जल ने किया लेटे हनुमान जी का अभिषेक, जानें इसका धार्मिक इतिहास

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में रुक रुक कर हो रही बारिश के बीच प्रयागराज में त्रिवेणी का जल संगम क्षेत्र में लेटे बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पहुंच गया है। गंगा और यमुना नदियों का जल मंगलवार को दोपहर बाद गर्भ गृह में पहुंच गया और पावन नदियों ने बड़े हनुमान जी को अभिषेक किया।

गर्भगृह में गंगा और यमुना का जल आना शुभ
बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में गंगा और यमुना का जल आना शुभ माना जाता है, गर्भगृह में गंगा और यमुना का जल पहुंचने के बाद विधि विधान से मंदिर में पूजा अर्चना और आरती की गई। मंदिर के महंत बालवीर गिरि ने कहा कि मंगलवार के दिन गंगा और यमुना का जल मंदिर में प्रवेश करने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है।

मंदिर के कपाट हुए बंद
मां गंगा और यमुना के साथ-साथ बड़े हनुमान जी से लोगों के कल्याण की कामना की गई, मंदिर में हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ हो रहा है, बाढ़ का पानी नीचे उतरने तक के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं, श्रद्धालु मंदिर के बाहर से ही बड़े हनुमान जी के दर्शन पूजन कर रहे हैं, हालांकि इस साल आई बाढ़ के बाद हनुमान मंदिर कॉरिडोर के दूसरे फेज का कार्य रोक दिया गया है।

मंगलवार को लेकर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
यमुना नदी का जलस्तर 81.54 मीटर और गंगा नदी का जलस्तर 80.97 मीटर पहुंचने पर गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बड़े हनुमान मंदिर में प्रवेश कर जाता है। वहीं, आज मंगलवार होने की वजह से काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ भी काफी ज्यादा हो जाती है लेकिन आज गंगा मैया ने हनुमानजी को स्नान करवाकर भक्तों के अंदर आस्था की उम्मीद और बढ़ा दिया।

पौराणिक कथा में…
पौराणिक कथा के मुताबिक, रावण की लंका जीतने के बाद जब हनुमान जी प्रयागराज से गुजर रहे थे, तो उन्‍हें बहुत थकान महसूस हुई। तब माता सीता के कहने पर हनुमान जी ने यहां विश्राम किया था।

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