राजू तिवारी,कोरबा, 18 अप्रैल 2026। जिले के कोयलांचल क्षेत्र—दीपका, बांकीमोंगरा और कुसमुंडा—में पेट्रोल-डीजल की किल्लत शनिवार को भी जारी रही। ऑयल कंपनियों के डिपो से आपूर्ति कम होने के कारण पिछले एक सप्ताह से हालात बिगड़े हुए हैं। विशेष रूप से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के पेट्रोल पंपों पर लगातार शॉर्टेज बनी हुई है, जिससे आमजन, किसान और वाहन चालक परेशान हैं।
शनिवार सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दीपका और बांकीमोंगरा क्षेत्र के अधिकांश पंपों में या तो स्टॉक खत्म हो गया या सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। कई वाहन चालकों को बिना ईंधन के ही वापस लौटना पड़ा, जबकि कुछ लोग शहर, कटघोरा और पाली क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं।
कुसमुंडा क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां एक पेट्रोल पंप में स्टॉक खत्म होने के बाद दूसरे पंप पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां लिमिट में ही ईंधन दिया जा रहा है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
बांकीमोंगरा क्षेत्र में भी दोनों पेट्रोल पंपों पर सीमित स्टॉक के कारण नियंत्रित वितरण किया जा रहा है। इससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। स्कूल वाहन चालक, शिक्षक और रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोग खासे प्रभावित हो रहे हैं।
संकट का असर खेती-किसानी पर भी साफ दिख रहा है। डीजल की कमी के कारण रबी फसल की कटाई प्रभावित हो रही है। वहीं एम्बुलेंस और स्कूल बसों को भी ईंधन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है।
पांडेय रोड लाइंस के संचालक सोनू पांडेय के अनुसार, डीजल की कमी से परिवहन कार्य प्रभावित हो रहा है और कई वाहन खड़े होने लगे हैं। इस बीच कुछ स्थानों पर कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
स्थानीय नागरिक संघर्ष समिति ने प्रशासन और संबंधित ऑयल कंपनियों से तत्काल आपूर्ति बहाल करने, पेट्रोल पंपों पर टोकन व्यवस्था लागू करने और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि हालात की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
