विष्णुदेव साय सरकार का सुशासन : मिशन क्लीन सिटी के तहत शहरी क्षेत्रों में हो रहा महत्वपूर्ण काम

रायपुर, 26 फरवरी (वेदांत समाचार) I छत्तीसगढ़ राज्य में स्वच्छता को बढ़ावा देने और स्वच्छता कर्मियों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने ‘मिशन क्लीन सिटी’ के तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना और राज्य को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है.नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत नगरीय निकायों में कार्यरत स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए राहत का पिटारा खोला है, छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मिशन क्लीन सिटी को विशेष प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे राज्य में स्वच्छता और जनस्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार हो रहे हैं.

स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए नई पहल

सरकार ने स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के कार्य-परिस्थितियों में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

कार्यावधि और अवकाश: अब उनकी कार्यावधि 8 घंटे निर्धारित की गई है, साथ ही रोटेशन के आधार पर साप्ताहिक अवकाश और प्रति माह एक सवैतनिक आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाएगा.

स्वास्थ्य परीक्षण: हर महीने स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया है, जिसमें हर तीन महीने में ब्लड टेस्ट, थायराइड टेस्ट, एलडीएच टेस्ट, टोटल कोलेस्ट्रॉल टेस्ट आदि शामिल हैं.

सुरक्षा उपकरण: उन्हें नियमित रूप से वर्दी, एप्रन, दस्ताने, मोजे, मास्क, जूते, टोपी और रेनकोट जैसी आवश्यक सामग्री प्रदान की जाएगी.

स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए खुला सौगातों का पिटारा

राज्य शासन द्वारा उनके लिए रोटेशन पर साप्ताहिक अवकाश के साथ आठ घंटे की कार्यावधि निर्धारित किया गया है. इतना ही नही उन्हें महीने में एक दिन का सवैतनिक आकस्मिक अवकाश दिए जाने के संबंध में नए दिशा-निर्देश सभी नगरीय निकायों को जारी किए हैं. सभी स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का श्रम विभाग में पंजीयन कराकर विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं.मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में घोषणा की है कि सभी स्वच्छता दीदियों को अब प्रति माह 8,000 रुपये का वेतन मिलेगा.यह निर्णय उनके कठिन परिश्रम और समर्पण को मान्यता देते हुए लिया गया है, जिससे उनकी आजीविका में सुधार होगा और वे अपने परिवारों को बेहतर समर्थन प्रदान कर सकेंगी.