NEET UG 2026: PwBD परीक्षार्थियों को बड़ी राहत, अब खुद चुन सकेंगे ‘स्क्राइब’, NTA ने शुरू किया रजिस्ट्रेशन पोर्टल

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 में शामिल होने वाले दिव्यांग (PwBD) परीक्षार्थियों के लिए इस वर्ष एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब उम्मीदवार अपने लिए स्क्राइब (लेखन सहायक) स्वयं चुन सकेंगे। इस फैसले से ऐसे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें पहले स्क्राइब की व्यवस्था को लेकर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, PwBD उम्मीदवारों को स्क्राइब चयन में अधिक स्वतंत्रता दी गई है। पहले कई बार परीक्षा केंद्र या एजेंसी द्वारा स्क्राइब उपलब्ध कराया जाता था, जिससे समन्वय और पारदर्शिता से जुड़ी शिकायतें सामने आती थीं। अब अभ्यर्थी अपने विश्वसनीय व्यक्ति को स्क्राइब के रूप में चुन सकेंगे, जिससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक सहज और पारदर्शी होगी।

हालांकि, स्क्राइब चयन के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। स्क्राइब की शैक्षणिक योग्यता उम्मीदवार से कम होनी चाहिए और उसे परीक्षा से संबंधित सभी नियमों का पालन करना होगा। साथ ही, परीक्षा से पहले स्क्राइब से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा।

इसी के साथ NTA ने स्क्राइब रजिस्ट्रेशन के लिए आधिकारिक पोर्टल भी शुरू कर दिया है। यह पोर्टल 16 अप्रैल 2026 से लाइव हो चुका है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर अपने स्क्राइब की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को अपने लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड का उपयोग करना होगा और ‘Register Scribe Details’ लिंक पर क्लिक करना होगा।

स्क्राइब रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 21 अप्रैल 2026 रात 11:50 बजे तक निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से PwBD श्रेणी के अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। गौरतलब है कि NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से MBBS, BDS सहित विभिन्न मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। इस नई व्यवस्था को समावेशी शिक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।