Vedant Samachar

IND vs ENG: थोड़ा कॉमन सेंस लगा लो… भारत के खिलाफ पहले टेस्ट की प्लेइंग XI का ऐलान कर चुकी इंग्लैंड को बड़ी सलाह

Vedant Samachar
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नई दिल्ली,19जून 2025 : भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट लीड्स में 20 जून से शुरू हो रहा है. इस टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया ने तो अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं मगर इंग्लैंड की टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान कर दिया है. टेस्ट मैच के शुरू होने से पहले इंग्लैंड को एक बड़ी सलाह भी मिली है. भारत के खिलाफ उसे कॉमन सेंस लगाने को बोला गया है. इंग्लैंड की टीम को ये नेक सलाह अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर पूर्व कप्तान ज्यॉफ्री बॉयकॉट से मिली है. दरअसल, बॉयकॉट इंग्लैंड की बैजबॉल वाली इमेज से आहत है, जिसे ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने उससे कॉमन सेंस यूज करने को कहा है.

कॉमन सेंस यूज करे इंग्लैंड- बॉयकॉट
ज्यॉफ्री बॉयकॉट ने द टेलीग्राफ में लिखे अपने कॉलम में कहा है कि इंग्लैंड को बैजबॉल को भूल कॉमन सेंस पर फोकस करना चाहिए. उसे टेस्ट मैच जीतने और WTC 2027 के फाइनल में पहुंचने पर गौर करना चाहिए. उन्होंने लिखा कि इंग्लैंड की टीम भारत को हरा सकती है अगर वो कॉमन सेंस यूज करे. फिलहाल उनका क्रिकेट देखने में काफी रोमांचक और मजेदार दिखता है. लेकिन उसी का नतीजा है कि वो टेस्ट मैच जीत भी नहीं पा रहे.

बैजबॉल ने किया निराश और शर्मिंदा
इंग्लैंड की टेस्ट टीम में बैजबॉल का चलन कोरोना के टाइम से आया. यानी, तब जब से स्टोक्स और मैक्कुलम के कप्तान और कोच की जुगलबंदी शुरू हुई. इंग्लैंड का बैजबॉल का फॉर्मूला दर्शकों को तो लुभाने वाला रहा मगर इसका सही असर इंग्लैंड की सेहत पर पड़ता नहीं दिखा. बैजबॉल अपनाने के बाद उसने टेस्ट जीतने से ज्यादा ड्रॉ कराए हैं.

ज्यॉफ्री बॉयकॉट ने जोर देता हुए कहा कि इंग्लैंड का फोकस सिर्फ जीतने पर होना चाहिए ना कि ये बताने पर कि वो कितने अच्छे है. WTC के पिछले तीनों फाइनल इंग्लैंड में हुएहैं मगर इंग्लिश टीम एक के लिए भी क्वालिफाई नहीं कर पाई, जो कि शर्मिंदा करने वाला है. ऐसे में उनकी कोशिश अगले WTC फाइनल के लिए खुद को तैयार करने और उसके लिए क्वालिफाई करने पर होनी चाहिए.

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अब तक दो बार WTC फाइनल में प्रवेश किया है. वहीं न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका ने एक-एक बार जीता है. जबकि बैजबॉल के सहारे आगे बढ़ने वाला इंग्लैंड ऐसा अब तक नहीं कर पाया. मतलब अब वक्त आ गया है बैजबॉल पर हथौड़ा चलाकर कॉमन सेंस के साथ आगे बढ़ने का.

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