Vedant Samachar

ITR में किया फेक क्लेम तो लगेगी 200% की पेनल्टी, हो सकती है जेल…

Vedant samachar
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मुंबई,05जून 2025 : आईटीआर फाइलिंग को लेकर इस समय टैक्स देने वालों के पास ओल्ड टैक्स रिजीम और न्यू टैक्स रिजीम दोनों का ही ऑप्शन मौजूद है. लेकिन अब ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत ITR फाइल करना मुश्किल हो सकता है. क्योंकि इनकम टैक्स विभाग ने ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत टैक्स फाइलिंग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अगर आईटीआर फाइल में आप कोई गड़बड़ी करते हैं तो आपको इसमें 200 प्रतिशत की पेनल्टी भी देनी पड़ सकती है और जेल भी हो सकती है. चलिए आपको बताते हैं इन डिटेल्स के बारे में.

क्या हैं बदलाव?
जो लोग ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर फाइल करना चाहते हैं. उन्हें अब अलग-अलग सेक्शन का प्रॉफिट पाने के लिए ज्यादा डिटेल और डॉक्यूमेंट देने की जरूरत पड़ेगी. इनकम टैक्स द्वारा ये बदलाव खासतौर से सेक्शन 80सी, 80डी, HRA, 80EE, 80EEB में किए गए है.

Section 80C
Section 80C के तहत अगर कोई टैक्सपेयर पीपीएफ, ईपीएफ, एनएससी, लाइफ इंश्योरेंस पर टैक्स सेविंग पाना चाहते हैं तो अब उन्हें ज्यादा डिटेल्स बतानी होगी. इन डिटेल्स में जैसे रिसीप्ट नंबर, पॉलिसी या फिर डॉक्यूमेंटेशन आईडी, अकाउंट डिटेल्स और पेमेंट करने वाले का नाम जैसी डिटेल शामिल है.

Section 80D
वहीं सेक्शन 80डी के तहत अगर कोई टैक्सपेयर इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स डिडक्शन का क्लेम करना चाहते हैं तो उन्हें भी ज्यादा डिटेल्स देनी होगी. जैसे इंश्योरेंस लेने वाला का नाम, पॉलिसी नंबर या फिर रिसीप्ट नंबर का प्रूफ देना होगा. अगप किसी और के लिए इंश्योरेंस लिया है तो उससे क्या संबंध है ये बताना होगा.

(एचआरए)
सेक्शन 10 (13A) के तहत अगर कोई व्यक्ति किराया भरने को लेकर टैक्स क्लेम करता है, तो उसे भी जानकारी देनी है. जैसे की आप कहां काम करते हैं, एचआरए कितनी तारीख को रिसीव होता है या फिर कितना किराया जा रहा है. इसमें रेंट रिसिप्ट या फिर मकान मालिक का नाम पैन नंबर ( अगर आपका रेंट 1 लाख से अधिक है.

(सेक्शन 80ई/ईईबी )
Section 80E के तहत जब बच्चे, पति या फिर पत्नी के लिए होम लोन या एजुकेशन लोन लिया है तो इस इस लोन के ब्याज पर टैक्स सेविंग क्लेम करने के लिए इस सेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए आपको लोन अकाउंट नंबर, इंटरेस्ट पेमेंट सर्टिफिकेट और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का नाम और जिसके लिए लोन लिया है उसका नाम बताना पड़ेगा. क्योंकि अब AIS सिस्टम से हर क्लेम की सिस्टम चेकिंग हो रही है. तो इसलिए आप ITR फाइल करते समय सब डॉक्यूमेंट रेडी रखें.

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