बिलासपुर रेंज में डिजिटल पुलिसिंग पर जोर, IG राम गोपाल गर्ग ने दिए ई-समन, ई-साक्ष्य और अवैध प्रवासियों के सत्यापन के निर्देश - vedantsamachar.in

बिलासपुर रेंज में डिजिटल पुलिसिंग पर जोर, IG राम गोपाल गर्ग ने दिए ई-समन, ई-साक्ष्य और अवैध प्रवासियों के सत्यापन के निर्देश

बिलासपुर, 04 अगस्त (वेदांत समाचार)। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग ने मंगलवार को रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर पुलिसिंग व्यवस्था की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में न्यायालयीन प्रक्रियाओं को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, मुंगेली एसपी भोजराम पटेल, कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एसपी मनोज खिलारी, सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, जांजगीर-चांपा एसपी विजय पाण्डेय, सारंगढ़ एसपी सुनील शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आईजी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का शत-प्रतिशत उपयोग जरूरी है। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण, न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तेजी और तकनीकी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया।

बैठक में न्यायालयीन समन और वारंट की तामिली की समीक्षा करते हुए आईजी ने निर्देश दिए कि अब इनकी रियल टाइम मॉनिटरिंग गूगल शीट के माध्यम से की जाएगी। थानों में तैनात कोर्ट आरक्षक समन और वारंट की स्थिति, तामिली नहीं होने के कारण और गवाहों की उपस्थिति से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से अपडेट करेंगे। इससे अनावश्यक पत्राचार में कमी आएगी और लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी।

आईजी ने ई-समन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिसूचना के अनुसार अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी समन की तामिली की जा सकती है। प्राप्तकर्ता द्वारा भेजा गया ‘OK’ मैसेज का स्क्रीनशॉट मान्य होगा। उन्होंने नए जिलों में डेटा मैपिंग से जुड़ी तकनीकी समस्याओं और दूरस्थ थानों में नेटवर्क संबंधी परेशानियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।

बैठक में ‘न्याय श्रुति’ यानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही की प्रक्रिया को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। आईजी ने सभी थानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ने और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालयों से समन जारी करते समय गवाही के माध्यम (वीसी या प्रत्यक्ष उपस्थिति) का उल्लेख किया जाए, जिससे प्रक्रिया अधिक सुगम हो सके।

ई-साक्ष्य व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आईजी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 105 के तहत जब्ती, तलाशी और गवाहों के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक जिले में एक थाने को ‘आइडियल CCTNS थाना’ के रूप में विकसित करने कहा, जहां विवेचक स्वयं सभी ऑनलाइन प्रक्रियाएं पूरी करेंगे। बैठक में नागरिक सत्यापन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। आईजी ने समाधान ऐप के माध्यम से अवैध प्रवासियों, किरायेदारों और फेरीवालों का नियमित सत्यापन सुनिश्चित करने तथा इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट रेंज कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए।

संपत्ति अपराधों की रोकथाम के लिए बाइक चोरी जैसे मामलों में एफआईआर दर्ज करते समय वाहन के इंजन नंबर और चेसिस नंबर की अनिवार्य रूप से एंट्री करने कहा गया, ताकि संबंधित डेटाबेस को अपडेट किया जा सके और अपराधों की जांच में मदद मिल सके।

आईजी राम गोपाल गर्ग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुलिसिंग में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग से थानों में लंबित मामलों में कमी आएगी और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। सभी अधिकारियों को जारी निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।