राजनांदगांव,03अगस्त (वेदांत समाचार) । जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है। मृतिका की हत्या का कोई सुराग नहीं था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक पद्धति से की गई जांच ने आरोपी देवर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। ग्राम पेण्डरवानी में 28 वर्षीय तामेश्वरी साहू का शव उसके घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। परिजन उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेण्ड्री ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी तुमडीबोड़ और साइबर थाने की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिक अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेण्ड्री में मेडिको-लीगल डॉक्टरों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि महिला की मौत गला घोटने (दम घुटने) के कारण हुई थी, जो कि हत्या की ओर इशारा कर रही थी।जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मृतिका अक्सर अपने देवर देवेन्द्र साहू से कहती थी कि वह कोई काम-धाम नहीं करता है और घर में बैठे-बैठे खाता है। इसी बात से गुस्से में आकर आरोपी ने साड़ी से मृतिका का गला घोटकर उसकी हत्या कर दी थी। मृतिका के देवर देवेन्द्र साहू के खिलाफ पुलिस चौकी तुमडीबोड़ में अपराध क्रमांक 334/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

