Vedant Samachar

विदेशी निवेशक कहां लगा रहे दांव और कहां मोड़ रहे मुंह? जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी

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मुंबई,21मई 2025 : मई 2025 की पहली छमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर मार्केट में जोरदार तरीके से खरीदारी का सिलसिला जारी रखा है. इस दौरान (FIIs) ने कुल 12,800 करोड़ रुपए से अधिक की इक्विटी खरीदी, जिससे ये साफ संकेत मिलता है कि विदेशी निवेशक भारत की आर्थिक संभावनाओं को लेकर आश्वस्त हैं. इसमें खास बात ये रही कि फाइनेंशियल सर्विस, कैपिटल गुड्स और ऑयल एंड गैस जैसे सेक्टरों में ज्यादा निवेश किया गया है.

विदेशी निवेशकों ने ये निवेश ऐसे समय में किया है जब दुनियाभर में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी और अमेरिका में आर्थिक सुस्ती की आशंका भी थी. इसके बाद भी ये साफ दिखता है कि विदेशी निवेशकों के लिए भारत पसंदीदा जगह बनी हुई है. जहां कई सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली है वहीं कई सेक्टर से पैसे भी निकाले गए हैं.

सबसे ज्यादा निवेश इस सेक्टर में हुआ
सबसे ज्यादा निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में देखने को मिला है. जहां निवेशकों ने 4,728 करोड़ रुपए लगाए. वहीं अप्रैल की दूसरी छमाही में ये आंकड़ा 22,910 करोड़ रुपए था. लोगों ने कैपिटल गुड्स में भी कमाई बरकरार रखी है. जहां 2,233 करोड़ रुपए का निवेश हुआ. वहीं, ऑयल एंड गैस सेक्टर में 2,130 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो अप्रैल के 2,401 करोड़ रुपए से थोड़ा कम था लेकिन ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है.

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सर्विस सेक्टर में 1,762 करोड़ रुपए की खरीद हुई
वहीं सर्विसेज और कंज्यूमर सर्विसेज सेक्टर में शानदार रुचि रही. सर्विस सेक्टर में 1,762 करोड़ रुपए की खरीद हुई बल्कि पिछले साल 983 करोड़ रुपए से अधिक है. वहीं, कंज्यूमर सर्विसेज में 1,240 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है. अप्रैल में 1,963 करोड़ रुपए का निवेश था. लोगों ने टेलिकॉम सेक्टर में भी 1,037 करोड़ रुपए की खरीदारी की जो पिछले साल 2,511 करोड़ रुपए से कम जरूर थी, लेकिन इसमें अभी भी निवेश चालू है.

आईटी सेक्टर में थोड़ा सुधार देखने को मिला
निवेशकों का मूड ऑटो सेक्टर में शिफ्ट होते हुए देखने को मिला है. अप्रैल में जहां 3,207 करोड़ रुपए की बिकवाली हुई थी. वहीं मई की शुरुआत में FIIs ने 1,610 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की. आईटी सेक्टर में भी थोड़ा सुधार देखने को मिला है. अप्रैल में 15,200 करोड़ रुपए की भारी बिकवाली के बाद मई की शुरुआत में 289 करोड़ रुपए की खरीदारी देखी गई.

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