कोरबा,24 जुलाई (वेदांत समाचार)। कोरबा के युवा मेडिकल छात्र शाहदिल खुसरू ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जिले, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) राजनांदगांव और पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। शाहदिल वर्तमान में जीएमसी राजनांदगांव में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र हैं।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (ACG) की वार्षिक वैज्ञानिक बैठक (Annual Scientific Meeting), जो 27-28 अक्टूबर 2025 को फीनिक्स (एरिजोना, अमेरिका) में आयोजित हुई थी, में शाहदिल खुसरू ने दो शोध पोस्टर (Poster Presentations) में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके दोनों शोध पोस्टर प्रस्तुति के लिए चयनित हुए और दोनों को पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। इनमें से एक शोध को प्रतिष्ठित ACG President’s Appreciation Award से सम्मानित किया गया, जबकि दूसरे शोध पोस्टर का भी सम्मेलन में सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण किया गया। दोनों शोध कार्यों को प्रकाशन के लिए भी भेजा गया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यदि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि होती है, तो शाहदिल खुसरू छत्तीसगढ़ के पहले मेडिकल छात्र होंगे, जिनके शोध का चयन अमेरिकन कॉलेज ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की वार्षिक वैज्ञानिक बैठक में पोस्टर प्रस्तुति के लिए हुआ और जिन्हें ACG President’s Appreciation Award से सम्मानित किया गया।
शाहदिल प्रारंभ से ही चिकित्सा अनुसंधान (मेडिकल रिसर्च) के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। एमबीबीएस के प्रथम और द्वितीय वर्ष से ही उनके शोध भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंचों पर चयनित होते रहे हैं। उन्हें कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मेलनों में अपने शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसरों के साथ प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए भी चयनित किया जा चुका है।
वर्तमान में शाहदिल खुसरू इंडियन मेडिकल एसोसिएशन–मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क (IMA-MSN) छत्तीसगढ़ के स्टेट कन्वीनर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस भूमिका में वे चिकित्सा शिक्षा, रिसर्च, अकादमिक गतिविधियों तथा मेडिकल विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
शाहदिल खुसरू ने कहा कि उनका लक्ष्य अधिक से अधिक मेडिकल विद्यार्थियों को रिसर्च से जोड़ना तथा सिस्टेमैटिक रिव्यू, मेटा-एनालिसिस और अन्य क्लिनिकल रिसर्च परियोजनाओं के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंचों तक पहुंचने के लिए प्रेरित और सहयोग प्रदान करना है।
शाहदिल की इस उपलब्धि को कोरबा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के युवा मेडिकल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

