जेल में सजे मंडप, कैदी बना दूल्हा: दुष्कर्म के आरोपी ने प्रेमिका से लिए सात फेरे, कोर्ट के आदेश पर हुई शादी - vedantsamachar.in

जेल में सजे मंडप, कैदी बना दूल्हा: दुष्कर्म के आरोपी ने प्रेमिका से लिए सात फेरे, कोर्ट के आदेश पर हुई शादी

जगदलपुर। बस्तर जिले के जगदलपुर केंद्रीय जेल में शुक्रवार को एक अनोखी शादी देखने को मिली। दुष्कर्म के एक मामले में न्यायिक अभिरक्षा में बंद आरोपी ने अपनी प्रेमिका से जेल परिसर में ही सात फेरे लिए। यह विवाह न्यायालय के आदेश और जेल प्रशासन की निगरानी में संपन्न कराया गया।

जानकारी के अनुसार, राजूर गांव निवासी सुरेश सेठिया और मनमती कश्यप लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों अलग-अलग जातियों से होने के कारण युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसी दौरान युवती के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सुरेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

युवक के जेल जाने के बाद युवती ने स्वयं न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उसने अदालत में बयान दिया कि वह और सुरेश अपनी इच्छा से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं तथा विवाह करना चाहते हैं। युवती के आवेदन और बयान पर विचार करने के बाद न्यायालय ने दोनों के विवाह की अनुमति देते हुए पुलिस और जेल प्रशासन को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

अदालत के आदेश के बाद केंद्रीय जेल परिसर में विवाह की तैयारियां की गईं। जेल परिसर में मंडप सजाया गया और विधि-विधान के साथ दोनों का विवाह संपन्न कराया गया। इस दौरान जेल प्रशासन, पुलिस और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की मौजूदगी में दोनों ने सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जिस प्रकरण में युवक जेल में बंद है, उसी मामले में पीड़िता मानी जा रही युवती ने स्वयं अदालत में विवाह की इच्छा जताई। हालांकि, दुष्कर्म का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और विवाह होने से उस आपराधिक मामले का स्वतः निस्तारण नहीं माना जाता। आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष जारी रहेगी।