बलौदाबाजार, 24 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। बलौदाबाजार-भाटापारा के कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने शुक्रवार को जिला जेल का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए जेल में जल्द कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा कि जिला जेल स्वयं एक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (VTP) के रूप में पंजीकृत है, इसलिए यहां कौशल विकास कार्यक्रम शीघ्र शुरू किए जा सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कारपेंट्री प्रशिक्षण प्रारंभ करने पर जोर देते हुए कहा कि बंदियों को बांस (बम्बू) से कलात्मक उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे सजा पूरी करने के बाद रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान तैयार होने वाले उत्पादों की बिक्री भी कराई जा सकती है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और एसपी ने विभिन्न बैरकों में जाकर बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने जेल अधीक्षक से बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार, परिजनों से मुलाकात और अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बंदियों के स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने जेल परिसर में बंदियों के लिए अच्छी पुस्तकों से युक्त लाइब्रेरी स्थापित करने, आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पंखे और टीवी उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि पुस्तकालय और अन्य सुविधाएं बंदियों के मानसिक और बौद्धिक विकास में सहायक होंगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल की रसोई का भी निरीक्षण किया और भोजन बनाने की प्रक्रिया एवं गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने चावल पकाने की ‘पैना विधि’ की जानकारी लेते हुए भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण किया और निर्देश दिए कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन बंदियों को उपलब्ध कराया जाए।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जेल में बंदियों से मिलने पहुंचे उनके परिजनों से भी बातचीत की और मुलाकात व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि मुलाकात में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती और निर्धारित समय पर फोन के माध्यम से भी बातचीत की सुविधा उपलब्ध है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में जिला जेल की 17 बैरकों में से 12 बैरकों में 390 बंदी निरुद्ध हैं, जबकि जेल की कुल क्षमता लगभग 410 बंदियों की है। बंदियों से मुलाकात का समय प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। प्रतिदिन लगभग 30 से 50 लोग मुलाकात के लिए आते हैं। वर्तमान में एक मुलाकात काउंटर संचालित है, जबकि सुविधा बढ़ाने के लिए पांच नए काउंटर बनाए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए जेल परिसर के अंदर और बाहर लगभग 80 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर रजनी छड़ीमली, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अवस्थी, कार्यपालन अभियंता अनुज शर्मा, सहायक जिला जेल अधीक्षक अभिषेक मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

