रायपुर, 19 जुलाई (वेदांत समाचार)। राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आदतन अपराधी मोहम्मद गनी को तीन माह के लिए जिला बदर कर दिया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत आदेश जारी करते हुए आरोपी को रायपुर सहित छह जिलों की राजस्व सीमाओं से निष्कासित करने का निर्देश दिया है।
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद गनी पिता मोहम्मद रफीक (29 वर्ष), निवासी संतोषी नगर, गौसिया मस्जिद के पास, थाना टिकरापारा, लंबे समय से गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर पूरे मामले की जांच की गई, जिसमें आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद गंभीर पाया गया।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2016 से अब तक आरोपी के खिलाफ थाना टिकरापारा में मारपीट, जान से मारने की धमकी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और जुआ अधिनियम सहित कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया और वह लगातार अपराधों में संलिप्त रहा।
पुलिस कमिश्नरेट ने उपलब्ध साक्ष्यों, आपराधिक रिकॉर्ड और पुलिस प्रतिवेदन का परीक्षण करने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को तीन माह के लिए रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कमिश्नरेट क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए असामाजिक एवं आदतन अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिला बदर जैसी कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना और अपराध पर नियंत्रण स्थापित करना है।

