Janjgir Champa: कर्रा नाला जलाशय में दरार से बढ़ा खतरा, कलेक्टर-एसपी ने संभाला मोर्चा; 125 लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया - vedantsamachar.in

Janjgir Champa: कर्रा नाला जलाशय में दरार से बढ़ा खतरा, कलेक्टर-एसपी ने संभाला मोर्चा; 125 लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया

  • जांजगीर-चांपा में लगातार बारिश का असर, प्रशासन ने युद्धस्तर पर शुरू कराया मरम्मत कार्य, लोगों से नालों और पुल-पुलियों से दूर रहने की अपील

जांजगीर-चांपा, 18 जुलाई 2026। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच अकलतरा विकासखंड के ग्राम कोटमीसोनार स्थित कर्रा नाला जलाशय में गेट पर दरार आने और बांध के समीप मिट्टी कटने से स्थिति गंभीर हो गई। जलाशय का पानी तेज़ी से बाहर निकलने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया। देर रात कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जलाशय एवं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभालते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय पोयाम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, एसडीएम सुमित बघेल, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जलाशय की स्थिति का जायजा लेकर सुरक्षा व्यवस्था और राहत कार्यों की समीक्षा की।

कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग की दोनों संभागीय तकनीकी टीमों को मिशन मोड में मरम्मत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की विशेषज्ञ टीमें लगातार मौके पर मौजूद रहकर जलाशय के गेट और बांध को सुरक्षित करने के प्रयास में जुटी हुई हैं ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।

संभावित जलभराव और खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। अकलतरा तहसील के ग्राम बड़ेअमेरी और कोटमीसोनार के भाटापारा क्षेत्र से करीब 125 लोगों को सुरक्षित निकालकर कोटमीसोनार राहत शिविर में ठहराया गया है। राहत शिविर में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, रहने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम भी राहत शिविर में लगातार तैनात है। सभी प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या से समय रहते निपटा जा सके।

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कुटीघाट क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां कुछ घरों में पानी भरने की सूचना मिली थी। प्रशासन ने वहां के प्रभावित परिवारों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविर में ठहराया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित लोगों को भोजन, दवाइयों सहित सभी जरूरी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं और मेडिकल टीम नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करती रहे।

जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार मौके पर तैनात हैं तथा स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि लगातार बारिश के दौरान किसी भी पुल, पुलिया या तेज बहाव वाले नाले को पार करने का प्रयास न करें। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और आपात स्थिति की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें।

यह घटना लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। फिलहाल राहत एवं मरम्मत कार्य जारी हैं और प्रशासन स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के प्रयास में जुटा हुआ है।