गरियाबंद, 16 जुलाई (वेदांत समाचार)। तालाब सौंदर्यीकरण के लिए राजिम पालिका ने मेला स्थल को जोड़ने वाली पक्की सड़क की गुणवत्ता से समझौता कर लिया। 24 करोड़ के पक्की सड़क के सेलेक्टेड स्वाइल के नाम पर तालाब की मिट्टी डाल दिया गया। धर्म नगरी राजिम में पालिका और पीडब्ल्यूडी का समन्वय चर्चा का विषय बन गया है। नगर के शीतला तालाब के सौंदर्यीकरण में सहयोग के बदले पालिका ने सड़क ठेकदार को तालाब की मिट्टी दे दिया। हैरानी की बात है कि तालाब सौंदर्यीकरण के लिए 1 करोड़ तो वही सड़क निर्माण के लिए 24 करोड़ की मंजूरी हुई है। दोनों विभाग में कार्यों के लिए अलग-अलग मापदंड तय हैं।
बावजूद इसे दो विभागों के निर्माण कार्य में अनोखा समन्वय की मिशाल बनाने की कोशिश की गई। इस अनूठे समन्वय से नियमों की धज्जियां कैसे उड़ाई गई और निर्माण कार्य की गुणवत्ता कैसे प्रभावित होगा उसे भी समझिए। नियम के मुताबिक, पालिका की मिट्टी का उपयोग दूसरा विभाग नहीं कर सकता पर इस पालिका के अपने ही दलील है। सीएमओ संतोष विश्कर्मा ने बताया कि पालिका के प्रतिनिधियों के निर्णय के मुताबिक यह फ़ैसला लिया गया है क्योंकि गहरीकरण के लिए सरकारी मद में कोई प्रावधान नहीं था। तालाब में फाउंटेंड और लाइट लगाने के लिए ज्यादा पानी और गहराई की भी जरूरत थी, मिट्टी देने से तालाब का गहरीकरण हो गया। इसके अलावा 15 से 20 मीटर ऊंची दो पचरी का निर्माण भी सड़क ठेका कंपनी कर के देगी इसलिए मिट्टी दे दिया गया।
पुराने मेला स्थल को नए मेला स्थल से जोड़ने संगम तट से होते हुए 3 किमी की पक्की और चौड़ी सड़क के लिए 24 करोड़ मंजूर किया गया। इस सड़क में सेलेक्टेड स्वाइल से अर्थ वर्क किया जाना था। सड़क किनारे ही नगर का शीतला तालाब मौजूद है ऐसे में आपसी साठ गांठ कर प्रभावशाली लोगों के दखल पर तालाब की मिट्टी से अर्थ वर्क करा दिया गया। इससे मिट्टी ढुलाई की लीड कम हुई और अर्थ वर्क तय बजट से कम में निपट गया।
सलेक्टेड सॉइल (Selected Soil) मतलब चुनी हुई मिट्टी सड़क बनाने में हर तरह की मिट्टी काम नहीं आती, तो इंजीनियर खास क्वालिटी की मिट्टी चुनकर इस्तेमाल करते हैं। PWD और IRC के हिसाब से सलेक्टेड सॉइल में CBR Value8% से ज्यादा, Plasticity Index 6% से कम फूलती-फटती ना हो
Organic Matter ना हो।
पत्थर/कंकड़ 75mm से बड़े नहीं और लाल मुरम, पीली मिट्टी, रेत, छोटे-कंकड़ वाला मिक्स सबसे बढ़िया होता है, लेकिन महत्वपूर्ण सड़क में इस्तेमाल मिट्टी में यह गुण नहीं है क्योंकि वह वर्षों से तालाब में भीगे दलदली मिट्टी है। बारिश ने इस मिट्टी की पोल खोल दिया है। जगह-जगह कटाव और गहरे खाई सड़क के भविष्य का आईना दिखा रहा है। एक्सपर्ट का दावा है कि नदी के तट पर हो रहे इस निर्माण के लिए सलेक्टेड स्वाइल के इस्तेमाल की अनदेखी सड़क की गुणवत्ता को भारी प्रभावती करेगी।
मनीष साहू,एसडीओ लोनिवि का इस मामले में कहना है कि तालाब की मिट्टी उपयुक्त है। मिट्टी की जांच कराई गई है। सभी मानकों में ठीक है। अर्थ वर्क का भुगतान जारी है।

