कोरबा में फर्जी लोन रैकेट पर पुलिस का बड़ा एक्शन: महिला कर्मचारी गिरफ्तार, पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच तेज - vedantsamachar.in

कोरबा में फर्जी लोन रैकेट पर पुलिस का बड़ा एक्शन: महिला कर्मचारी गिरफ्तार, पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच तेज

कोरबा, 14 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। कोरबा पुलिस ने फर्जी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह कम ब्याज दर पर आसान लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर रकम वसूलता था। राशि लेने के बाद न तो लोन उपलब्ध कराया जाता था और न ही पीड़ितों का पैसा वापस किया जाता था।

कोरबा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत आर्थिक अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत चौकी सीएसईबी, थाना सिविल लाइन रामपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 643/2026, धारा 318(4) एवं 316(5) बीएनएस के मामले की जांच के दौरान ठगी के इस संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ।

पुलिस जांच में सामने आया कि टीपी नगर स्थित अभिवृद्धि फाइनेंशियल सर्विसेस के माध्यम से लोगों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का लालच दिया जाता था। लोन स्वीकृत कराने के नाम पर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज और अन्य शुल्क बैंक खातों में जमा कराए जाते थे। लेकिन रकम मिलने के बाद न तो लोन जारी किया गया और न ही जमा की गई राशि लौटाई गई, जिससे कई लोग आर्थिक ठगी का शिकार बने।

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल नंबरों, डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों की गहन जांच की। तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रियंका कलसे (22 वर्ष) निवासी प्रताप नगर, थाना दर्री, जिला कोरबा को 14 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। बैंक खातों में हुए लेन-देन, डिजिटल उपकरणों, मोबाइल डेटा और दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। फरार आरोपियों की तलाश के लिए भी लगातार दबिश दी जा रही है।

कोरबा पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस गिरोह से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई और इसका इस्तेमाल किन लोगों ने किया।

इस कार्रवाई के बाद कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संस्था या व्यक्ति के झांसे में आकर लोन दिलाने के नाम पर अग्रिम राशि, प्रोसेसिंग फीस या अन्य किसी प्रकार का शुल्क जमा करने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि साइबर और आर्थिक अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।