ट्रम्प बोले- ‘मैं कहूंगा तो इजराइल युद्ध रोक देगा’, ईरान बोला- ‘दुश्मनों के सरेंडर करने तक जारी रहेगी जंग‘

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन, 03 अप्रैल । ट्रम्प ने कहा है कि अगर वह ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को खत्म करने का फैसला लेते हैं, तो इजराइल भी उनके कहने पर तुरंत हमला रोक देगा। उन्होंने टाइम मैगजीन से बातचीत में कहा-

वे वही करेंगे जो मैं कहूंगा। वे अच्छे सहयोगी रहे हैं। जब मैं रुकूंगा, तो वे भी रुक जाएंगे। अगर उन्हें उकसाया नहीं गया, तो वे जरूर रुकेंगे।

टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू के पास ट्रम्प के समर्थन के बिना ज्यादा विकल्प नहीं हैं। दूसरी ओर ईरान की सेना ने साफ कहा है कि यह युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक उसके दुश्मन सरेंडर नहीं करते।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आज यानी शुक्रवार को बहरीन के प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है। इस प्रस्ताव में देशों को होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित के जरूरी सभी कदम उठाने की अनुमति देने की बात कही गई है।

बहरीन के विदेश मंत्री ने कहा कि इसका मकसद दुनिया के बाजार को सुरक्षित रखना और सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक में रुकावट को रोकना है।
भारत बोला- हम अकेले जिसने होर्मुज में नाविक खोए
ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए गुरुवार को एक ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए।

बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे।

भारत ने कहा कि इस पूरे संकट का हल सिर्फ बातचीत और शांति से ही निकल सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की कि तनाव कम करें और आपसी बातचीत के जरिए रास्ता निकालें।

रिपोर्ट- ईरान के आधे मिसाइल लॉन्चर और हजारों ड्रोन अब भी सुरक्षित
अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच हफ्तों से अमेरिका और इजराइल के लगातार सैन्य हमलों के बावजूद ईरान के करीब आधे मिसाइल लॉन्चर अभी भी सुरक्षित हैं। इसके साथ ही ईरान के पास हजारों “वन-वे अटैक ड्रोन” भी अब तक मौजूद हैं।

इस जानकारी से जुड़े तीन सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इजराइल को बताया कि इन आंकड़ों में ऐसे लॉन्चर भी शामिल हो सकते हैं जो हमलों के बाद जमीन के नीचे दब गए हैं और फिलहाल इस्तेमाल में नहीं हैं, लेकिन पूरी तरह नष्ट भी नहीं हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, ईरान की लगभग 50% ड्रोन क्षमता अभी भी बची हुई है। हाल ही में तैयार की गई खुफिया रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ईरान के तटीय रक्षा वाले कई क्रूज मिसाइल भी सुरक्षित हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने अपने हवाई हमलों में तटीय सैन्य ठिकानों को ज्यादा निशाना नहीं बनाया, हालांकि जहाजों पर हमले किए गए हैं। ये मिसाइलें ईरान को होर्मुज में जहाजों को खतरे में डालने की बड़ी ताकत देती हैं।

ईरानी सेना बोली- दुश्मनों के सरेंडर करने तक जंग जारी रहेगी
ईरान की सेना ने साफ कहा है कि यह युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक उसके दुश्मन सरेंडर नहीं करते।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि वे पूरी ताकत के साथ लड़ाई जारी रखेंगे और किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं।

ईरान ने साथ ही अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने जमीनी हमला करने की कोशिश की, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि किसी भी हमले की स्थिति में दुश्मन के सैनिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

बहरीन के होर्मुज से जुड़े प्रस्ताव पर UNSC में आज वोटिंग
बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए देशों को जरूरी सभी रक्षात्मक कदम उठाने की अनुमति देने की बात कही गई है।

अल जजीरा को एक खाड़ी क्षेत्र के अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा परिषद इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को वोट कर सकती है।

अधिकारी के अनुसार, मोहम्मद बिन सलमान ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की है और उम्मीद जताई जा रही है कि रूस इस प्रस्ताव को रोकने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही, क्राउन प्रिंस चीन के अधिकारियों से भी बात कर सकते हैं और उम्मीद है कि चीन भी इसे नहीं रोकेगा।

इस प्रस्ताव में ईरान की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया है और कहा गया है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जहाजों और विमानों को होर्मुज से गुजरने का अधिकार है और इसे रोका नहीं जाना चाहिए।

अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो सदस्य देश अकेले या मिलकर (बहुराष्ट्रीय नौसैनिक सहयोग के जरिए) होर्मुज और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के लिए कार्रवाई कर सकेंगे।

यह अनुमति प्रस्ताव पास होने के बाद 6 महीने तक लागू रहेगी और इसमें हिस्सा लेने वाले देशों को हर तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सभी देश आपस में तालमेल बनाकर काम करें और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और मानवीय कानून का पालन करें, साथ ही अन्य देशों के जहाजों के अधिकारों का सम्मान करें।

इसके अलावा, यह साफ किया गया है कि यह अनुमति सिर्फ होर्मुज तक ही सीमित होगी और इससे कोई नया अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं बनेगा।

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