जांजगीर-चांपा में बड़ा सड़क हादसा टला: पामगढ़ के कुटरा नहर में गिरी इको कार, बच्चों समेत 8 लोग घायल, ग्रामीणों ने उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल - vedantsamachar.in

जांजगीर-चांपा में बड़ा सड़क हादसा टला: पामगढ़ के कुटरा नहर में गिरी इको कार, बच्चों समेत 8 लोग घायल, ग्रामीणों ने उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल

जांजगीर-चांपा, 06 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र में रविवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। ग्राम कुटरा के पास एक इको कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। कार में बच्चों समेत कुल आठ लोग सवार थे, जो विवाह समारोह से लौटकर अपने घर जा रहे थे। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनका उपचार पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है।

जानकारी के अनुसार, सभी लोग ग्राम मेहंदा में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होकर अपने गृह ग्राम लिमतरी, जिला बलौदाबाजार लौट रहे थे। रविवार रात करीब 11 बजे जब उनकी इको कार पामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कुटरा के पास पहुंची, तभी चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे नहर में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार में सवार लोग मदद के लिए आवाज लगाने लगे।

संयोगवश उसी समय जांजगीर से लौट रही पत्रकारों की एक टीम वहां से गुजर रही थी। घायल महिलाओं की आवाज सुनकर पत्रकार तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देर किए डायल 112 को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 और पामगढ़ पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जांजगीर से बलौदाबाजार को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर स्थित नहर पुल के केवल एक तरफ ही सुरक्षा रेलिंग लगी हुई है, जबकि दूसरी ओर रेलिंग नहीं होने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका कहना है कि यदि पुल के दोनों ओर मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाई जाए तो इस तरह के हादसों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर दो बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हुए थे। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद अब तक सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी है।

फिलहाल पामगढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल के दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग लगाने और इस मार्ग पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम जल्द से जल्द सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।