महिला स्व-सहायता समूहों के ‘विष्णु भोग’ चावल की खुशबू पहुंची पुलिस मुख्यालय, DGP अरुण देव गौतम ने की सराहना - vedantsamachar.in

महिला स्व-सहायता समूहों के ‘विष्णु भोग’ चावल की खुशबू पहुंची पुलिस मुख्यालय, DGP अरुण देव गौतम ने की सराहना

रायपुर/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 5 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले की विशिष्ट पहचान बन चुके ‘विष्णु भोग’ चावल की खुशबू अब पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गई है। जिले के प्रवास पर पहुंचे पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम का स्वागत स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए ‘विष्णु भोग’ चावल से किया गया। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने उन्हें जिले की पहचान माने जाने वाले इस विशेष चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया।

यह ‘विष्णु भोग’ चावल बिहान योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक सफल मॉडल के रूप में उभर रही है।

कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने पुलिस महानिदेशक को ‘विष्णु भोग’ चावल की गुणवत्ता, इसकी विशेषताओं और उत्पादन से लेकर पैकेजिंग एवं विपणन तक महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल से स्थानीय कृषि उत्पादों को नया बाजार मिल रहा है, वहीं ग्रामीण महिलाओं की आय में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

इस अवसर पर DGP अरुण देव गौतम ने महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘विष्णु भोग’ चावल केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल जिले की अलग पहचान बनती है, बल्कि किसानों और महिला समूहों को भी आर्थिक मजबूती मिलती है।

उन्होंने विश्वास जताया कि गुणवत्ता और परंपरा के साथ तैयार किए जा रहे ऐसे उत्पाद भविष्य में प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाएंगे। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिला स्व-सहायता समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। ‘विष्णु भोग’ चावल को लेकर प्रशासन की यह पहल स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।