पुणे,01 जुलाई : केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में बुधवार को पुणे ग्रामीण पुलिस ने लोहागढ़ किले पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या की घटना को समझने के लिए केतन अग्रवाल की लंबाई और वजन के बराबर एक फाइबर डमी को करीब 300 फीट गहरी खाई में फेंका, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय क्या और कैसे हुआ होगा। इससे पहले मंगलवार को पुलिस ने मामले के दूसरे आरोपी चेतन चौधरी का ‘गेट एनालिसिस’ (चलने के तरीके का परीक्षण) भी किया। इस प्रक्रिया के जरिए यह समझने की कोशिश की गई कि घटना वाले दिन चेतन किस रास्ते से चला और उसकी गतिविधियां क्या थीं। पुलिस ने घटना के दिन पहनी गई उसकी पैंट भी बरामद कर ली है।
मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी पर 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप है। आरोप है कि दोनों ने 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन की हत्या कर दी थी। इस बीच सोमवार को महाराष्ट्र की एक अदालत ने दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत पांच दिन और बढ़ा दी। शुरुआती रिमांड खत्म होने के बाद दोनों को वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया गया था।
पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच के कई अहम पहलू अभी पूरे नहीं हुए हैं। जांच एजेंसी को दोनों आरोपियों की मौजूदगी में घटनास्थल का दोबारा परीक्षण करना है, घटना के बाद चेतन की गतिविधियों का पता लगाना है, हत्या के बाद हुई फोन पर बातचीत की जांच करनी है और केतन के पासपोर्ट को नष्ट किए जाने से जुड़े सबूत भी जुटाने हैं।
जांच के मुताबिक, सिया गोयल ने कथित तौर पर मुंबई एयरपोर्ट जाते समय रास्ते में एक फूड मॉल पर रुकने के दौरान केतन का पासपोर्ट चुराया था। बाद में उसने उसे फाड़कर जला दिया। परिवार शादी से पहले ‘बाली’ घूमने जाने वाला था, लेकिन एयरपोर्ट पर केतन को पासपोर्ट नहीं मिला, जिसके कारण पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी। पुलिस का मानना है कि सिया ने जानबूझकर पासपोर्ट हटाया था ताकि दोनों साथ में यात्रा न कर सकें। इस मामले में समूह को ले जाने वाले ड्राइवर ने भी दावा किया था कि यात्रा के दौरान सिया अकेले पार्क की गई कार तक वापस गई थी और वहां से कुछ सामान लेकर लौटी थी।

