रायपुर,26 जून (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से बढ़ी गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, लेकिन अब मौसम बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि 27 जून से प्रदेशभर में मानसून फिर सक्रिय होगा और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बारिश दर्ज की गई। कुसमी, बस्तर और बकावंड में 3-3 सेंटीमीटर, जबकि बलरामपुर और गीदम में 2-2 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इससे कई इलाकों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हुई, हालांकि अधिकांश जिलों में उमस बनी हुई है।
27 जून से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके चलते प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है।
इन मौसम प्रणालियों का दिखेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। इसके अलावा उत्तर राजस्थान से बिहार तक एक मौसमी द्रोणिका (ट्रफ) सक्रिय है। वहीं उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर 4.5 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर भी एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
आज रायपुर का मौसम कैसा रहेगा?
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को दिनभर आंशिक से लेकर घने बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने का पूर्वानुमान जारी किया है।
अधिकतम तापमान: लगभग 38°C
न्यूनतम तापमान: लगभग 28°C
दिन में उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम या रात के समय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने तथा आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। यदि मानसून की रफ्तार इसी तरह बनी रही, तो अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ खेती-किसानी को भी फायदा होगा।

