कोरबा, 24 जून 2026 (वेदांत समाचार)। जिले में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश तथा छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कोरबा ने सभी निजी कोचिंग संस्थानों से विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके लिए संस्थानों को निर्धारित प्रारूप में प्रतिवेदन तैयार कर पत्र प्राप्ति के सात दिनों के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोचिंग संस्थानों के पंजीयन, विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था, शिकायत निवारण तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण, अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। यह प्रक्रिया शासन और संबंधित प्राधिकरणों को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
निर्देशों के तहत सभी निजी कोचिंग संस्थानों को अपने संस्थान का नाम, पता, संचालक का नाम, मोबाइल नंबर, पंजीयन संबंधी जानकारी, अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराना होगा। इसके अलावा शिकायत निवारण समिति या प्रकोष्ठ की व्यवस्था, विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण के लिए किए गए उपाय और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रतिवेदन में शामिल करनी होगी।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा, कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। हाल के वर्षों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को देखते हुए शासन स्तर पर इस प्रकार की जानकारी एकत्र करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन ने सभी निजी कोचिंग संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि समय पर जानकारी प्रस्तुत नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के इस निर्देश के बाद जिले के सभी निजी कोचिंग संस्थानों को अपने रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की समीक्षा कर निर्धारित प्रारूप में जानकारी तैयार करनी होगी। इससे कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने और विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

