बलौदाबाजार में सनसनीखेज खुलासा: तीन महीने में 8 लोगों की हत्या करने वाला साइको किलर गिरफ्तार, शराब में जहर मिलाकर देता था मौत - vedantsamachar.in

बलौदाबाजार में सनसनीखेज खुलासा: तीन महीने में 8 लोगों की हत्या करने वाला साइको किलर गिरफ्तार, शराब में जहर मिलाकर देता था मौत

बलौदाबाजार, 24 जून (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल क्षेत्र अंतर्गत खर्वे गांव में पिछले तीन महीनों के दौरान हुई आठ संदिग्ध मौतों के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने छोटी-छोटी बातों और व्यक्तिगत रंजिशों के चलते आठ लोगों की हत्या कर दी। आरोपी की पहचान रामसहाय जायसवाल के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने गांव के लोगों को शराब में जहर मिलाकर पिलाया और उनकी मौत को सामान्य या प्राकृतिक मौत का रूप देने की कोशिश की। शुरुआती दौर में ग्रामीणों ने इन मौतों को सामान्य मानते हुए अंतिम संस्कार कर दिया था और किसी भी मृतक का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। इसी वजह से लगातार हो रही मौतों का रहस्य लंबे समय तक सामने नहीं आ सका।

मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति को भी जहरीली शराब पिलाई, लेकिन परिजन उसे समय रहते अस्पताल ले गए, जिससे उसकी जान बच गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों को संदेह हुआ कि गांव में हुई अन्य मौतों का कारण भी जहरीली शराब हो सकती है। सभी मौतों के पैटर्न में समानता मिलने पर ग्रामीणों ने 6 जून को कसडोल थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच की मांग की। शिकायत में रामसहाय जायसवाल पर संदेह भी जताया गया था।

ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। सात मृतकों के शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया। एक मृतक बुधराम का अंतिम संस्कार पहले ही कर दिया गया था, इसलिए उसका शव जांच के लिए उपलब्ध नहीं था। फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृतकों की मौत जहर के प्रभाव से हुई थी। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि शराब जहरीली नहीं थी, बल्कि उसमें अलग से जहर मिलाया गया था

इसके बाद पुलिस ने आरोपी रामसहाय जायसवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी लगातार आरोपों से इंकार करता रहा, लेकिन साक्ष्यों और पूछताछ के दबाव में आखिरकार उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने चूहा मारने के लिए जहर खरीदा था और पहले यह देखने के लिए कि जहर असर करता है या नहीं, उसने एक कुत्ते को जहर देकर परीक्षण किया। इसके बाद उसने गांव के लोगों को शराब में वही जहर मिलाकर पिलाना शुरू कर दिया।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, विवाद, कर्ज के लेन-देन, पत्नी पर गलत नजर रखने के शक और टोना-टोटका की आशंका जैसी वजहों से लोगों को निशाना बनाया। अलग-अलग कारणों से उसने अपने परिचितों और ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि रामसहाय जायसवाल गांव में किराना दुकान संचालित करता था। संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ था। इसके बाद 14 मई 2026 तक आठ लोगों की मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों के बावजूद किसी को भी हत्या की आशंका नहीं हुई और सभी मामलों को सामान्य मौत मान लिया गया।

बलौदाबाजार पुलिस का कहना है कि यह प्रदेश के हाल के वर्षों के सबसे चौंकाने वाले सीरियल किलिंग मामलों में से एक है। आरोपी के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस खुलासे के बाद पूरे खर्वे गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उनके बीच रहने वाला एक व्यक्ति इतनी सुनियोजित तरीके से लोगों की जान ले रहा था।