सीआईएसएफ एसईसीएल बिलासपुर में ‘स्ट्रेस मैनेजमेंट’ कार्यशाला, तनावमुक्त जीवन के दिए गए सूत्र - vedantsamachar.in

सीआईएसएफ एसईसीएल बिलासपुर में ‘स्ट्रेस मैनेजमेंट’ कार्यशाला, तनावमुक्त जीवन के दिए गए सूत्र

बिलासपुर। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) इकाई एसईसीएल बिलासपुर में सोमवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सहयोग से बल के जवानों एवं उनके परिवारजनों के लिए “स्ट्रेस मैनेजमेंट” विषय पर विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते मानसिक तनाव के कारणों को समझना तथा उससे प्रभावी ढंग से निपटने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना था।

कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर शैलेंद्र माउंट एवं संजीव भाई मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सीआईएसएफ इकाई एसईसीएल बिलासपुर के इकाई प्रभारी एवं उप महानिरीक्षक रघुबीर नरेन द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किए जाने के साथ हुआ।

अपने संबोधन में वक्ताओं ने सरल एवं प्रभावशाली उदाहरणों के माध्यम से तनाव के कारणों, उसके प्रभावों और उससे मुक्ति के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन, आत्म-नियंत्रण और आत्मिक शक्ति को तनाव प्रबंधन की महत्वपूर्ण कुंजी बताते हुए नियमित ध्यान एवं आत्मचिंतन को मानसिक शांति के लिए आवश्यक बताया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्राणायाम, मेडिटेशन एवं ध्यान की विभिन्न विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इन अभ्यासों को दैनिक दिनचर्या में शामिल कर व्यक्ति तनाव, चिंता एवं नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण पा सकता है तथा अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है।

कार्यशाला में शामिल जवानों और उनके परिजनों ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक एवं उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल तनावमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को भी मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।

समापन अवसर पर सीआईएसएफ इकाई एसईसीएल बिलासपुर की ओर से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की टीम तथा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही भविष्य में भी जवानों एवं उनके परिवारों के समग्र कल्याण के लिए इस प्रकार के जागरूकता एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।