- विशेष शिविर में नॉन-डीबीटी पेंशनधारियों के दस्तावेजों का संकलन, ग्रामीणों ने ली नशामुक्ति की शपथ
नारायणपुर, 20 जून (वेदांत समाचार)। जिले के सुदूर वनांचल और अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत पीडियाकोट में आयोजित विशेष पेंशन भुगतान शिविर सुशासन और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा। जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित इस शिविर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीणों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश भी दिया गया।
वनांचल क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे पेंशनधारी हैं जो अभी भी नॉन-डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली से नहीं जुड़े हैं। ऐसे हितग्राहियों को पेंशन राशि प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के उद्देश्य से शिविर का आयोजन किया गया। अधिकारियों और पंचायत कर्मियों ने पेंशनधारियों के आधार कार्ड, बैंक खातों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का संकलन किया तथा उन्हें डीबीटी प्रणाली के लाभों की जानकारी दी।
शिविर में उपस्थित हितग्राहियों को बताया गया कि ई-केवाईसी और बैंक खाते से आवश्यक जानकारी लिंक कराने के बाद पेंशन की राशि सीधे उनके खातों में पहुंचेगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को निकटतम बैंक शाखा में जाकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराने की सलाह भी दी।
विशेष शिविर में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, दिव्यांगजन और महिला हितग्राही शामिल हुए। दूरस्थ क्षेत्र और कठिन रास्तों के बावजूद ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक शिविर में भाग लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही पेंशन संबंधी शिकायतों और समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया तथा राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
शिविर का एक महत्वपूर्ण पहलू नशामुक्ति अभियान भी रहा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी नकारात्मक असर डालता है। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्ति की शपथ ली और समाज को व्यसनमुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। पीडियाकोट में आयोजित यह शिविर न केवल पेंशनधारियों के डिजिटल सशक्तिकरण का माध्यम बना, बल्कि जागरूक, स्वस्थ और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

