नागपुर के NEET अभ्यर्थी को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड देखकर परिवार हुआ हैरान - vedantsamachar.in

नागपुर के NEET अभ्यर्थी को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड देखकर परिवार हुआ हैरान

नागपुर, 20 जून। NEET-UG री-एग्जाम से पहले महाराष्ट्र के नागपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां NEET अभ्यर्थी अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब को जारी किए गए एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत की बजाय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी में आवंटित कर दिया गया। 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए अबू धाबी में केंद्र मिलने से छात्र और उसका परिवार हैरान और परेशान हो गया है।

अब्दुल्लाह के पिता मोहम्मद तालिब ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 4 बजे जब उन्होंने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी के एक स्कूल का नाम दर्ज था। यह देखकर पूरा परिवार स्तब्ध रह गया क्योंकि आवेदन के दौरान उन्होंने ऐसा कोई विकल्प नहीं चुना था।

मोहम्मद तालिब के अनुसार, उन्होंने परीक्षा केंद्र के लिए केवल महाराष्ट्र के तीन जिलों का चयन किया था। इसके बावजूद विदेश में केंद्र आवंटित होने से उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर यह गलती कैसे हुई। मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। हेल्पलाइन से उन्हें ईमेल भेजने के लिए कहा गया, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरी जानकारी मेल के माध्यम से भेजी।

परिवार का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें फोन पर आश्वासन दिया गया कि शनिवार शाम 4 बजे तक नया एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने मांग की है कि छात्र को नागपुर में ही परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया जाए क्योंकि अब परीक्षा में बहुत कम समय बचा है और किसी अन्य जिले में जाना भी कठिन होगा।

पिता ने बताया कि इस घटना से उनका बेटा मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया है। एडमिट कार्ड में विदेश का केंद्र देखकर वह रोने लगा और उसने परीक्षा नहीं देने की बात भी कही। बाद में उसकी मां ने उसे समझाने की कोशिश की और परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने यह भी बताया कि उनके बेटे के पास पासपोर्ट तक नहीं है, ऐसे में विदेश जाकर परीक्षा देना संभव ही नहीं था। परिवार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जल्द से जल्द उचित समाधान निकालने और नागपुर में परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने की मांग की है।

यह मामला सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था और केंद्र आवंटन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इस तरह की तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटियां छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ा सकती हैं, खासकर तब जब परीक्षा की तारीख बेहद करीब हो।