नई दिल्ली,18 जून। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मुक्त व्यापार समझौता इस साल 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। दोनों देशों की सरकारों ने बुधवार को इस व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के शुरू होने की घोषणा कर दी है। यह समझौता दोनों देशों के संबंधों में एक नया मील का पत्थर साबित होने वाला है। इससे दोनों देशों के बीच कारोबार तेजी से बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस ऐतिहासिक व्यापारिक कदम पर अपनी खुशी जाहिर की है। इस बड़े समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने के एक साल से भी कम समय के भीतर इसे पूरी तरह लागू किया जा रहा है। लंदन के अधिकारियों ने इसे इतने बड़े पैमाने का सबसे तेजी से लागू होने वाला अहम समझौता बताया है।
टैरिफ से मिलेगी बड़ी राहत
भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई, 2025 को इस वृहद आर्थिक और व्यापार करार पर अपने हस्ताक्षर किए थे। इस नए समझौते के लागू होने के बाद भारत के कुल 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में आसान प्रवेश मिलेगा। इन सभी भारतीय निर्यातों को यूनाइटेड किंगडम के बाजार में पूरी तरह से जीरो टैरिफ पर एंट्री दी जाएगी।
इन भारतीय उत्पादों को होगा फायदा
भारत से निर्यात होने वाले कई अहम उत्पादों को ब्रिटिश बाजार में बहुत ही बेहतर पहुंच मिलने वाली है। इनमें मुख्य रूप से चावल, चाय, मसाले, झींगा, मशीनरी, ऑटो कंपोनेंट्स और कुछ अन्य इंजीनियरिंग टूल्स शामिल किए गए हैं। इसके अलावा भारतीय कपड़े, जूते-चप्पल, रत्न एवं आभूषण और खेल के सामानों का निर्यात भी बहुत अधिक बढ़ जाएगा।
भारत में ब्रिटिश उत्पाद होंगे सस्ते
इस व्यापार समझौते के तहत भारत में आयात होने वाले कई ब्रिटिश उत्पाद भी काफी सस्ते दाम पर उपलब्ध हो जाएंगे। इनमें चॉकलेट, बिस्कुट, कॉस्मेटिक्स, स्कॉच, व्हिस्की, सैल्मन, लैंब और लग्जरी गाड़ियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। भारत सरकार भी इन लग्जरी कारों और शराब जैसे कई ब्रिटिश उत्पादों पर लगने वाले भारी टैरिफ को घटाने का काम करेगी।
व्यापार दोगुना करने का बड़ा लक्ष्य
इस सीईटीए (CETA) समझौते का मुख्य लक्ष्य 2030 तक दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी व्यापार को दोगुना करना है। इसके जरिए कुल व्यापारिक मूल्य को बढ़ाकर 56 अरब डॉलर तक पहुंचाने का बहुत ही शानदार और बड़ा लक्ष्य रखा गया है। ब्रिटेन के व्यापार विभाग के अनुसार कारोबारियों के पास अब व्यापार की तैयारी के लिए सिर्फ 28 दिन का समय है।
नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मुक्त व्यापार समझौता इस साल 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। दोनों देशों की सरकारों ने बुधवार को इस व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के शुरू होने की घोषणा कर दी है। यह समझौता दोनों देशों के संबंधों में एक नया मील का पत्थर साबित होने वाला है। इससे दोनों देशों के बीच कारोबार तेजी से बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस ऐतिहासिक व्यापारिक कदम पर अपनी खुशी जाहिर की है। इस बड़े समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने के एक साल से भी कम समय के भीतर इसे पूरी तरह लागू किया जा रहा है। लंदन के अधिकारियों ने इसे इतने बड़े पैमाने का सबसे तेजी से लागू होने वाला अहम समझौता बताया है।
टैरिफ से मिलेगी बड़ी राहत
भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई, 2025 को इस वृहद आर्थिक और व्यापार करार पर अपने हस्ताक्षर किए थे। इस नए समझौते के लागू होने के बाद भारत के कुल 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में आसान प्रवेश मिलेगा। इन सभी भारतीय निर्यातों को यूनाइटेड किंगडम के बाजार में पूरी तरह से जीरो टैरिफ पर एंट्री दी जाएगी।
इन भारतीय उत्पादों को होगा फायदा
भारत से निर्यात होने वाले कई अहम उत्पादों को ब्रिटिश बाजार में बहुत ही बेहतर पहुंच मिलने वाली है। इनमें मुख्य रूप से चावल, चाय, मसाले, झींगा, मशीनरी, ऑटो कंपोनेंट्स और कुछ अन्य इंजीनियरिंग टूल्स शामिल किए गए हैं। इसके अलावा भारतीय कपड़े, जूते-चप्पल, रत्न एवं आभूषण और खेल के सामानों का निर्यात भी बहुत अधिक बढ़ जाएगा।
भारत में ब्रिटिश उत्पाद होंगे सस्ते
इस व्यापार समझौते के तहत भारत में आयात होने वाले कई ब्रिटिश उत्पाद भी काफी सस्ते दाम पर उपलब्ध हो जाएंगे। इनमें चॉकलेट, बिस्कुट, कॉस्मेटिक्स, स्कॉच, व्हिस्की, सैल्मन, लैंब और लग्जरी गाड़ियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। भारत सरकार भी इन लग्जरी कारों और शराब जैसे कई ब्रिटिश उत्पादों पर लगने वाले भारी टैरिफ को घटाने का काम करेगी।
व्यापार दोगुना करने का बड़ा लक्ष्य
इस सीईटीए (CETA) समझौते का मुख्य लक्ष्य 2030 तक दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी व्यापार को दोगुना करना है। इसके जरिए कुल व्यापारिक मूल्य को बढ़ाकर 56 अरब डॉलर तक पहुंचाने का बहुत ही शानदार और बड़ा लक्ष्य रखा गया है। ब्रिटेन के व्यापार विभाग के अनुसार कारोबारियों के पास अब व्यापार की तैयारी के लिए सिर्फ 28 दिन का समय है।

