‘टूरा भोको लोलो’ फेम रैपर एप्पी राजा का निधन, छत्तीसगढ़ी संगीत जगत में शोक - vedantsamachar.in

‘टूरा भोको लोलो’ फेम रैपर एप्पी राजा का निधन, छत्तीसगढ़ी संगीत जगत में शोक

रायपुर/भानुप्रतापपुर, 16 जून। छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय रैपर और सिंगर एप्पी राजा (चेतन चांडक) का मंगलवार को निधन हो गया। वे 32 वर्ष के थे और पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। रायपुर के एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से संगीत जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार करीब छह माह पूर्व एप्पी राजा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक ऑपरेशन के बाद उनके शरीर में खून की कमी हो गई थी। लगातार हीमोग्लोबिन गिरने से उन्हें कमजोरी, चक्कर और सांस लेने में परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी था और समय-समय पर उन्हें रक्त भी चढ़ाया जा रहा था।

कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर निवासी एप्पी राजा ने अपने संघर्ष और प्रतिभा के दम पर छत्तीसगढ़ी रैप संगीत को नई पहचान दिलाई। कम उम्र से ही रैप गीत लिखने वाले चेतन चांडक ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद संगीत को अपना करियर बनाया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें कुछ समय तक गुजरात के सूरत में नौकरी भी करनी पड़ी, लेकिन संगीत के प्रति जुनून उन्हें फिर इस क्षेत्र में वापस ले आया।

एप्पी राजा को सबसे अधिक लोकप्रियता उनके चर्चित रैप गीत ‘टूरा भोको लोलो’ से मिली। गीत के रिलीज होते ही यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद उन्होंने लगातार कई हिट गीत दिए।

उनके प्रमुख गीतों में ‘आ जा रे टुरी तोला रसगुल्ला खवाहु’, ‘छत्तीसगढ़ एंथम’ और ‘चो चो हस’ शामिल हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, शहीद भगत सिंह और स्वतंत्रता दिवस जैसे विषयों पर भी रैप गीत तैयार किए, जिन्हें लोगों ने खूब सराहा।

एप्पी राजा सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय थे। उनके इंस्टाग्राम पर लगभग 1.98 लाख फॉलोअर्स और यूट्यूब चैनल पर करीब 5.95 लाख सब्सक्राइबर्स जुड़े हुए थे। उनके यूट्यूब चैनल को अब तक 13 करोड़ से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।

एप्पी राजा ने किशोरावस्था से ही रैप लिखना शुरू कर दिया था। वर्ष 2015 में पंजाब की एक म्यूजिक कंपनी ने उनका रैप सुनकर उन्हें रिकॉर्डिंग का मौका दिया, जिससे उनके करियर को नई दिशा मिली। पंजाब में संघर्ष के दिनों में उन्होंने स्टूडियो में रहकर रात-रात भर मेहनत की और अपने गीतों को तैयार किया।

उनकी सफलता की कहानी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनी। उनके निधन से छत्तीसगढ़ी संगीत जगत ने एक प्रतिभाशाली और लोकप्रिय युवा कलाकार को खो दिया है।

एप्पी राजा के निधन पर प्रशंसकों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से गहरा शोक व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ी संगीत जगत उनकी आवाज और योगदान को हमेशा याद रखेगा।