कोरबा, 24 मई (वेदांत समाचार)। कोरबा शहर की प्रतिभाशाली बेटी सुश्री जुई गिरी ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर से डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त कर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्हें यह उपाधि 18 मई 2026 को प्रदान की गई। जुई गिरी, कोरबा के 15 ब्लॉक निवासी जे. गिरी एवं श्रीमती निर्मला गिरी की सुपुत्री हैं।
डॉ. जुई गिरी ने वास्तुकला एवं आयोजना विभाग में “कोरबा शहर के सार्वजनिक शहरी उद्यानों की वहन क्षमता का अध्ययन” विषय पर अपना शोधकार्य पूर्ण किया है। यह शोधकार्य विभाग की सहायक प्राध्यापक एवं शोध निर्देशक डॉ. वंदना अग्रवाल तथा सह-शोध निर्देशक प्रोफेसर डॉ. स्वास्ति स्थापक के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
अपने शोध में डॉ. जुई गिरी ने कोरबा शहर के सार्वजनिक उद्यानों की वास्तविक उपयोग क्षमता, उनकी उपलब्धता तथा प्रबंधन व्यवस्था का गहन अध्ययन किया है। उन्होंने शहरी हरित क्षेत्रों के वैज्ञानिक नियोजन एवं बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया है। शोध के दौरान उन्होंने उद्यानों की क्षमता आंकने की प्रचलित “सिफुएंटेस पद्धति” में संशोधन करते हुए “सही प्रभावी वहन क्षमता” की नई अवधारणा प्रस्तुत की, जिससे पार्कों की वास्तविक उपयोग क्षमता का अधिक सटीक आकलन संभव हो सकेगा।
शोध में शहर के पार्कों के आकार, वितरण और प्रबंधन को जनसंख्या की वास्तविक जरूरत एवं क्षमता के अनुरूप विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध भविष्य में देश के विभिन्न मध्यम श्रेणी के शहरों की विकास योजनाओं एवं स्थानीय क्षेत्र योजनाओं के निर्माण में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
डॉ. जुई गिरी का यह शोध सतत शहरी विकास तथा सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों के बेहतर नियोजन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। उनके पिता जे. गिरी एसईसीएल कोरबा के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में सेवाएं दे चुके हैं, जबकि माता श्रीमती निर्मला गिरी पॉलीटेक्निक कॉलेज कोरबा में कार्यरत रही हैं। उनके छोटे भाई डॉ. जयदीप गिरी दंत रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. जुई गिरी को पीएचडी की उपाधि मिलने पर परिवार, परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों में हर्ष का वातावरण है तथा उन्हें लगातार बधाइयां एवं शुभकामनाएं प्राप्त हो रही हैं।

