ऑनलाइन प्रेडिक्शन ऐप्स पर सरकार सख्त, Polymarket और Kalshi हो सकते हैं ब्लॉक – vedantsamachar.in

ऑनलाइन प्रेडिक्शन ऐप्स पर सरकार सख्त, Polymarket और Kalshi हो सकते हैं ब्लॉक

ऑनलाइन बेटिंग और प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म्स पर भारत सरकार अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, Polymarket और Kalshi जैसे विदेशी प्लेटफॉर्म्स को भारत में ब्लॉक किया जा सकता है. ये ऐसे प्लेटफॉर्म हैं जहां लोग क्रिकेट मैच, चुनाव, शांति समझौते और कंपनियों के भविष्य तक पर पैसे लगाकर भविष्यवाणी करते हैं. सरकार का मानना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म आर्थिक नुकसान, लत और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं. इसी वजह से अब इन पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है.

क्या होते हैं Prediction Market प्लेटफॉर्म?
द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) से शुक्रवार तक कालशी को ब्लॉकिंग ऑर्डर भेजने की उम्मीद है. मंत्रालय पहले ही एक अन्य प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म, पॉलीमार्केट को भी इसी तरह का आदेश भेज चुका है.

बता दें कि प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म होते हैं जहां यूजर्स किसी घटना के होने या न होने पर पैसे लगाते हैं. उदाहरण के तौर पर लोग आईपीएल मैच का रिजल्ट, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता, या फिर किसी कंपनी के आईपीओ तक पर दांव लगा सकते हैं. पॉलीमार्केट और कलशी इसी तरह के सबसे चर्चित प्लेटफॉर्म हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 7 मई को लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मैच पर करीब 27.7 मिलियन डॉलर यानी लगभग 266 करोड रुपये की ट्रेडिंग हुई थी. हालांकि इसमें भारत से कितना पैसा आया, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. इसके अलावा Bitclout, Hedgehog और PlotX जैसे प्लेटफॉर्म भी इसी तरह के मार्केट में सक्रिय हैं.

सरकार क्यों कर रही है कार्रवाई?
भारत सरकार ने अगस्त 2025 में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा नया कानून PROGA यानी प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू किया था. इस कानून के तहत रियल मनी वाले कई ऑनलाइन गेम्स और बेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती बढ़ाई गई. सरकार का कहना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स से लोगों में लत, आर्थिक नुकसान, आत्महत्या और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. कलशी और पॉलीमार्केट दोनों यूजर्स को असली पैसे लगाकर भविष्यवाणी करने की सुविधा देते हैं, इसलिए इन्हें भी ऑनलाइन जुआ प्लेटफॉर्म माना जा रहा है. कई घरेलू गेमिंग कंपनियां पहले ही इस नए कानून के बाद अपना कारोबार बंद या सीमित कर चुकी हैं.

VPN कंपनियों को चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 25 अप्रैल 2026 को वीपीएन कंपनियों को भी चेतावनी जारी की थी. मंत्रालय ने कहा था कि कई यूजर्स वीपीएन की मदद से ब्लॉक किए गए प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच बना रहे हैं. सरकार ने साफ किया कि अगर वीपीएन कंपनियां ऐसे प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच देने में मदद करती हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार इन प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने के लिए आईटी एक्ट की धारा 69A का इस्तेमाल कर सकती है. इसी कानून के तहत भारत में TikTok को भी बैन किया गया था. फिलहाल पॉलीमार्केट और कलशी भारत में कुछ इंटरनेट नेटवर्क पर अभी भी एक्सेस किए जा रहे हैं, लेकिन जल्द इन पर पूरी तरह रोक लग सकती है.