KORBA : पीरियड्स पर खुलकर बात करने का लिया गया संकल्प ,मासिक धर्म के प्रति जागरूकता लाने समाज के विभिन्न क्षेत्र के लोग जुटे… – vedantsamachar.in

KORBA : पीरियड्स पर खुलकर बात करने का लिया गया संकल्प ,मासिक धर्म के प्रति जागरूकता लाने समाज के विभिन्न क्षेत्र के लोग जुटे…

0.भारत स्काउट्स एवं गाइड्स ने किया कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन

कोरबा, 24 मई (वेदांत समाचार)। रविवार को समाज के विभिन्न क्षेत्र और वर्ग के लोगों ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के प्रति जागरूकता लाने और मिथकों को तोड़ने का संकल्प लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि पीरियड्स पर खुलकर बात की जाएगी और समाधान निकाला जाएगा। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स तथा यूनिसेफ द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन अंतर्गत तारुण्य वार्ता हैशटैग पीरियड्स पर खुलकर अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत पंचवटी विश्राम गृह में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, जिला कोरबा द्वारा कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी एवं भारतीय रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन रामसिंह अग्रवाल ने कहा कि मासिक धर्म कोई शर्म का विषय नहीं है। यह स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। इस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने अभियान की सराहना की और रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से जरूरतमंद किशोरियों के लिए दो हजार सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने का ऐलान किया।

रेडक्रास सोसायटी के उपाध्यक्ष आरपी तिवारी ने स्कूलों में मासिक धर्म को लेकर विशेष कक्षाओं के आयोजन का सुझाव दिया। कोषाध्यक्ष राजेश बगड़िया ने भी अपनी बात रखी। प्राचार्य द्वय अनिता ओहरी, रिनी दुबे, अनिमा प्रसाद, संगीता साव ने स्कूलों में पीरियड्स के दौरान छात्राओं को आने वाली समस्याओं के बारे में बताया। इन्होंने कहा कि प्रयास हो कि स्कूलों में पर्याप्त मात्रा में पैड की उपलब्धता हो। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की जिला आयुक्त (गाइड) डा. फरहाना अली ने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों की तरह पीरियड्स को सेलिब्रेट्स किया जाना चाहिए। उन्होंने सेनेटरी पैड तैयार करने का अभियान चलाने की बात कही। ऑडियालॉजिस्ट डा. ज्योति बाला ने कहा कि पीरियड्स पर खुलकर बात करेंगे तो समाधान भी निकलेगा। निदान संस्था कि पूर्णिमा स्वर्णकार ने लड़कों को भी जागरूक करने की बात कही। स्रोत संस्था की लक्षन चन्द्रा ने बताया कि दुरस्त ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पीरियड्स के दौरान कपड़ा और राख का उपयोग किया जाता है। मड़ई से आए व्याख्याता ने कहा कि देहात इलाकों में झिझक बनी हुई है। इसे दूर करना होगा। उड़ान संस्था की ईश्वरी यादव, निलांजना सेन, नवप्रभा की कविता सोनी, स्रोत की साइकोलॉजिस्ट संगीता ने मासिक धर्म पर अपने अनुभव साझा किए।

प्राचार्य एसआर अमित ने बताया कि उनके द्वारा स्कूल में लड़कों को पैड वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई। उपस्थित युवा वैभव शर्मा, संस्कृति आदि ने भी परिचर्चा में भाग लिया। इसके पूर्व भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला मुख्य आयुक्त मोहम्मद सादिक शेख ने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) डीगम्बर सिंह कौशिक एवं जिला प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) पुष्पा शांडिल्य ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन की तकनीकी जानकारी देते हुए कार्यक्रम का संयोजन किया। परिचर्चा का संचालन जिला चिकित्सालय की काउंसलर वीणा मिस्त्री ने किया। कार्यक्रम में जिला सचिव भरत सिंह वर्मा, जिला संयुक्त सचिव रेखारानी लाल, सहायक राज्य आयुक्त (गाइड) गनेशी सोनकर सहित अन्य की उपस्थिति रही। इस दौरान रोवर्स, रेंजर्स द्वारा मासिक धर्म के प्रति जागरूकता लाने नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया।