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Chaitra Navratri 2025 : चैत्र नवरात्र के लिए सजने लगे मां के दरबार, पंचमी तिथि का क्षरण होगा, तो कब मनेगी रामनवमी

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चैत्र नवरात्र 30 मार्च से प्रारंभ होगी। इस वर्ष पंचमी तिथि का क्षरण होने के कारण नौ दिन की न होकर नवरात्र आठ दिन की है। नवरात्र में आदिशक्ति के दरबार सजाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

चैत्र नवरात्र के नौ दिन मंदिरों में मेला जैसा माहौल रहता है। मंदिरों की रंगाई-पुताई की जा रही है। इसके बाद रोशनी से सजाया जाएगा। वहीं पुलिस प्रशासन भी मुस्तैदी में लगा है, ताकि कहीं भी किसी तरह की अप्रिय स्थिति ना बने। मंदिरों में मां की मूर्तियों को दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए श्रृंगार किया जा रहा है।

नौ दिनों में माता के विभिन्न रूपों का श्रृंगार होगा। पंचमी एवं अष्टमी को महाआरती नवमी को हवन पूर्णाहुति होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रृद्धालु माता का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल की अष्टमी की शुरुआत 04 अप्रैल को रात 08 बजकर 12 मिनट पर होगी। समापन 05 अप्रैल को शाम 07 बजकर 26 मिनट पर होगा। उदया तिथि के कारण शनिवार, 05 अप्रैल को अष्टमी और अगले दिन नवमी मनाई जाएगी।

चैत्र नवरात्र: किस दिन माता के किस रूप की पूजा –

  • दिन-1: शैलपुत्री – शक्ति और साहस का प्रतीक
  • दिन-2: ब्रह्मचारिणी – तपस्या और संयम की देवी
  • दिन- 3: चंद्रघंटा – साहस और विजय की प्रतीक
  • दिन- 4: कूष्मांडा – सृजन और ऊर्जा की देवी
  • दिन- 5: स्कंदमाता – प्रेम और मातृत्व का प्रतीक
  • दिन- 6: कात्यायनी – शक्ति और युद्ध की देवी
  • दिन- 7: कालरात्रि – नकारात्मक ऊर्जा का नाश करने वाली
  • दिन- 8: महागौरी – शांति और बुद्धि की देवी
  • दिन- 9: सिद्धिदात्री – सिद्धि और ज्ञान प्रदान करने वाली
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