रायपुर, 24 मई (वेदांत समाचार). सोशल मीडिया के लिए रील्स, वीडियो और फोटो खिंचवाना एक शौक नहीं, बल्कि ट्रेंड बन चुका है. लेकिन अब शौक आपको महंगा पड़ सकता है. डीजीसीए और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्यूरिटी ने नियमों में सख्ती करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है. अब हवाई यात्री एयरपोर्ट के सुरक्षा होल्ड एरिया पर रील बनाना पूरी तरह से बैन रहेगा. साथ ही हवाई जहाज के खड़े होने वाली जगह और बस से यात्रियों को विमान ले जाने तक वाले स्थान पर रुककर रील, फोटो या वीडियो बनाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है. सुरक्षा होल्ड एरिया, जहां सीआईएसएफ यात्रियों और उनके सामान की जांच करती है, वहां वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है.
विमान पार्किंग एरिया या बस से विमान तक जाते समय रुककर रील, फोटो या वीडियो बनाना भी मना है. यात्री टेक-ऑफ, लैंडिंग या उड़ान के दौरान अपनी सीट या खिड़की से सामान्य फोटो और वीडियो ले सकते हैं. केबिन क्रू कैमरा बंद करने के लिए कहे, तो उसका तुरंत पालन करना अनिवार्य होगा. क्रू मेंबर के मना करने के बावजूद वीडियो बनाते रहने पर यात्री को ‘अनरूली पैसेंजर’ की श्रेणी में रखा जा सकता है. एयरपोर्ट के प्रतिबंधित क्षेत्रों में यदि कोई यात्री सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करता है, या फिर क्रू के मना करने के बाद भी फ्लाइट में वीडियो शूटिंग और हंगामा जारी रखता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों पर डीजीसीए की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत 3 महीने से लेकर 2 साल या उससे अधिक समय तक हवाई यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है.ऐसे मामलों में सीआईएसएफ द्वारा मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जा सकते हैं, साथ ही विमान अधिनियम के तहत कानूनी केस भी दर्ज हो सकता है.

