वॉशिंगटन, 24 मई। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित एक समझौते के तहत अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को सौंपने पर सहमति जताई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों ने यह दावा किया है। हालांकि, समझौते की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका ने शुरुआती समझौते में ही ईरान से यूरेनियम भंडार को लेकर स्पष्ट प्रतिबद्धता मांगी थी। सूत्रों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौते का एक महत्वपूर्ण पहलू तेहरान द्वारा अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार को सौंपने की एक स्पष्ट प्रतिबद्धता है।
व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में एक समझौते के करीब पहुंच गया है। हालांकि, उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि इस सौदे को अंतिम रूप देने में क्या बाधाएं आ सकती हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को किस तरह सौंपेगा। इस मुद्दे पर आगे होने वाली परमाणु वार्ता में चर्चा की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, ईरान की यह प्रतिबद्धता अमेरिका के लिए काफी अहम मानी जा रही है। वहीं, ईरान की ओर से इस समझौते पर अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है।
बताया गया है कि शुरुआत में ईरान इस शुरुआती चरण में यूरेनियम भंडार को समझौते में शामिल करने से बच रहा था और इसे बाद की बातचीत के लिए टालना चाहता था। लेकिन अमेरिकी वार्ताकारों ने मध्यस्थों के जरिए साफ कर दिया था कि अगर शुरुआती समझौते में इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी, तो अमेरिका बातचीत छोड़ सकता है और सैन्य कार्रवाई फिर शुरू कर सकता है। इस बीच, सैन्य योजनाकारों ने राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए ईरान के यूरेनियम भंडार पर हमले के विकल्प भी तैयार किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस भंडार का बड़ा हिस्सा इस्फ़हान परमाणु स्थल पर होने का अनुमान है, जिस पर पिछले जून में अमेरिकी टॉमाहॉक मिसाइलों से हमला हुआ था।

