Vedant Samachar

ईरान-इजराइल तनाव के बीच क्या रातों-रात बदल गए पेट्रोल-डीजल के दाम? अब 1 लीटर ईंधन के लिए कितनी करनी होगी जेब ढीली!

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नई दिल्ली, 26 मार्च : हर दिन की शुरुआत न सिर्फ सूरज की रोशनी से होती है, बल्कि पेट्रोल और डीजल के नए रेट से भी होती है। ये कीमतें आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती है। 26 मार्च, 2026 की सुबह 6 बजे देशभर के शहरों में तेल कंपनियों ने ताजा रेट जारी कर दिए हैं। इन कीमतों का आधार अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत और डॉलर-रुपए का भाव होता है। कई शहरों में भाव स्थिर हैं, जबकि कुछ जगह टैक्स या मांग के कारण मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया।

अंतरराष्ट्रीय कारक और बाजार का असर
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर साफ दिखता है। भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, जिसे डॉलर में खरीदा जाता है। अगर रुपया कमजोर होता है या कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है, तो भारत में ईंधन महंगा हो जाता है। तेल की रिफाइनिंग और वितरण लागत भी कीमतों को प्रभावित करती है। इसके अलावा त्योहार, मौसम और मांग में बदलाव से भी रोजाना रेट बदलते रहते हैं।

प्रमुख शहरों में आज के रेट
आज गुरुवार 26 मार्च को नई दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये, चेन्नई में पेट्रोल 100.75 रुपये और डीजल 92.34 रुपये, हैदराबाद में पेट्रोल 107.46 रुपये और डीजल 95.70 रुपये बिक रहा है। वहीं, लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.80 रुपये, पुणे में पेट्रोल 104.04 रुपये और डीजल 90.57 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा देश के अन्य शहरों में भी रेट लगभग इसी के आसपास बने हुए हैं।

पिछले दो साल में स्थिरता
मई 2022 के बाद केंद्र और कई राज्यों ने टैक्स में कटौती की, जिससे पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) के रेट में स्थिरता आई। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होते रहते हैं, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं। इससे आम आदमी को रोजमर्रा की योजना बनाने में आसानी रहती है।

कीमतें तय होने के मुख्य कारण
पेट्रोल और डीजल की कीमत कई कारकों जिनमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत और डॉलर-रुपए का भाव, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स, रिफाइनिंग और वितरण की लागत और बाजार में मांग और मौसम का असर आदि पर निर्भर करती हैं। इन सभी कारकों के कारण रोजाना तेल कंपनियां सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं, ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सके और पारदर्शिता बनी रहे।

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